सीएम धामी का बड़ा दांव राजधानी की कमान तेजतर्रार आईपीएस परमेंद्र डोभाल को

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राजधानी देहरादून की कानून व्यवस्था अब प्रदेश के तेज तर्रार आईपीएस परमेंद्र डोभाल के हाथों में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस भरोसे के साथ उन्हें देहरादून का एसएसपी नियुक्त किया है, वह सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि साफ संदेश है,अब राजधानी में अपराध के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
देहरादून सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की राजनीतिक और प्रशासनिक धुरी है। यहां की हर घटना पूरे प्रदेश की छवि तय करती है। ऐसे में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच परमेंद्र डोभाल की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार अब सख्त, निर्णायक और परिणाम आधारित पुलिसिंग चाहती है।
डोभाल की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान है,कानून के प्रति शून्य सहनशीलता। वह अपराधी को सिर्फ पकड़ने में नहीं, बल्कि उसकी आपराधिक संरचना को तोड़ने में विश्वास रखते हैं। गैंग, नेटवर्क, आर्थिक स्रोत और संरक्षण,इन सभी पर एक साथ चोट करना उनकी रणनीति का हिस्सा रहा है। यही कारण है कि जहां-जहां उन्होंने जिम्मेदारी संभाली, वहां अपराधियों में खौफ और आम जनता में भरोसा बढ़ा।
अपराधियों के लिए उनका संदेश साफ है,या तो कानून का सम्मान करो, या फिर कानून तुम्हें झुकाना जानता है। राजधानी में सक्रिय हिस्ट्रीशीटर, भूमाफिया, नशा तस्कर और गैंग संचालक अब यह समझ लें कि पुलिस की फाइलें सिर्फ कागज नहीं होतीं, वे कार्रवाई की प्रस्तावना होती हैं।
लेकिन डोभाल की छवि सिर्फ सख्त अधिकारी की नहीं है। वे जनता के प्रति संवेदनशील, संवादशील और जवाबदेह पुलिसिंग के समर्थक माने जाते हैं। थानों को भय का नहीं, विश्वास का केंद्र बनाना उनकी प्राथमिकता रहती है। आम नागरिक,चाहे व्यापारी हो, छात्र, महिला या बुजुर्ग,उसे यह एहसास होना चाहिए कि पुलिस उसकी सुरक्षा के लिए है, सिर्फ अपराध दर्ज करने के लिए नहीं।
मुख्यमंत्री धामी का यह निर्णय राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। राजधानी में कानून व्यवस्था की चुनौती को सीधे स्वीकार करते हुए एक मजबूत और निर्णायक अधिकारी को कमान सौंपना यह दर्शाता है कि सरकार परिणाम चाहती है। अब नजरें इस बात पर होंगी कि देहरादून में अपराध ग्राफ किस तेजी से नीचे आता है और कानून का राज कितनी मजबूती से स्थापित होता है।
परमेंद्र डोभाल के सामने चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन उनकी कार्यशैली भी उतनी ही आक्रामक और व्यवस्थित मानी जाती है। यदि उन्होंने अपनी पूर्व कार्यशैली के अनुरूप कार्रवाई की, तो आने वाले समय में देहरादून में अपराधियों की दहशत और जनता का विश्वास,दोनों का संतुलन साफ दिखाई देगा।
राजधानी अब एक नए पुलिस अध्याय की दहलीज पर खड़ी है।

Khushi
Author: Khushi

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