
टिहरी गढ़वाल में गजा घंटाकर्ण महोत्सव का शुभारंभ
सांस्कृतिक विरासत और आस्था का उत्सव
लोक परंपराओं का संरक्षण: यह महोत्सव हमारी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आस्था का उत्सव है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हमारा साझा उत्तरदायित्व है।
– भारतीय संस्कृति का पुनरुत्थान: आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का अमृतकाल चल रहा है।
धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और परंपराओं का संरक्षण
– काशी कॉरिडोर और अयोध्या में श्रीराम मंदिर: काशी कॉरिडोर और अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का जीवंत प्रमाण है।
– सरकार की पहल: सरकार प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास के साथ ही धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
विकसित भारत का लक्ष्य
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2047 तक विकसित भारत*: प्रधानमंत्री जी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है, और इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए विकसित उत्तराखंड का निर्माण भी बहुत जरूरी है।
– *सहभागिता की आवश्यकता*: इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए सरकार के साथ ही समाज के सभी वर्गों के लोगों की सहभागिता जरूरी है।
निष्कर्ष
गजा घंटाकर्ण महोत्सव का शुभारंभ कर सरकार ने सांस्कृतिक विरासत और आस्था के महत्व को रेखांकित किया है। विकसित भारत के लक्ष्य की पूर्ति के लिए विकसित उत्तराखंड का निर्माण भी बहुत जरूरी है, जिसमें सरकार और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है।








