
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में अपने 72 घंटे के कार्यकाल को याद किया, जो 2019 में हुआ था। उन्होंने कहा कि “आप भूल गए होंगे लेकिन मैं इसे नहीं भूल सकता”। फडणवीस ने उल्लेख किया कि वह तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन चुके हैं और उनका 72 घंटे का कार्यकाल एक महत्वपूर्ण अनुभव था।
फडणवीस के 72 घंटे के कार्यकाल की कहानी तब शुरू हुई जब 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबसे अधिक सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत से दूर रह गई। फडणवीस ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन बाद में सरकार बनाने में असमर्थता के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के कारण:
– चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना: फडणवीस ने 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाई।
– राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करना: फडणवीस ने शिवसेना और एनसीपी को तोड़ने में भूमिका निभाई।
– आरएसएस का मजबूत समर्थन: फडणवीस को आरएसएस का समर्थन प्राप्त है।
– पार्टी के प्रति निष्ठा: फडणवीस ने पार्टी के प्रति अपनी वफादारी दिखाई है।
– बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड: फडणवीस का मुख्यमंत्री के रूप में अच्छा प्रदर्शन रहा है।
– मोदी के भरोसेमंद नेता: फडणवीस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भरोसा प्राप्त है।
– महायुति में सबके लिए स्वीकार्य चेहरा: फडणवीस का महायुति में सभी दलों के साथ अच्छा तालमेल है।








