“उत्तराखंड पुलिस के लिए भावनात्मक क्षण, आईजी बिमला गुंजल की हुई सेवानिवृत्ति”

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उत्तराखंड पुलिस के सतर्कता मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात श्रीमती बिमला गुंज्याल के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर एक गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा विवरण:

– *श्रीमती बिमला गुंज्याल का जन्म:* 15 मई 1965 को पिथौरागढ़, उत्तराखंड में हुआ था।
– *शिक्षा:* उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा जीजीआईसी पिथौरागढ़ से प्राप्त की और श्रीनगर गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
– *पुलिस सेवा में चयन:* वर्ष 1990 में प्रांतीय पुलिस सेवा में उनका चयन हुआ था।
– *विभिन्न पदों पर कार्य:* उन्होंने मुरादाबाद, लखनऊ, अल्मोड़ा, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार और देहरादून जनपदों में विभिन्न दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

पुलिस महानिदेशक की बात:

– *श्रीमती गुंज्याल की तारीफ:* डीजीपी श्री दीपम सेठ ने श्रीमती गुंज्याल की चार दशकों से अधिक की सेवा यात्रा की सराहना की और उनके कर्तव्यनिष्ठ योगदान, नेतृत्व क्षमता और अनुकरणीय कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
– *शुभकामनाएं:* उन्होंने श्रीमती गुंज्याल को उनके दीर्घकालिक, अनुकरणीय और प्रेरणादायी सेवाकाल की सफल पूर्णता पर शुभकामनाएं और हार्दिक विदाई दी।

*श्रीमती गुंज्याल का आभार:*

– *आभार व्यक्त करना:* श्रीमती गुंज्याल ने समारोह में उपस्थित सभी अधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सहयोग और समर्थन के कारण ही वे अपने उत्तरदायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सकीं।

*पुरस्कार और सम्मान:*

– *पुलिस पदक:* भारत सरकार द्वारा सराहनीय सेवा के लिए उन्हें वर्ष 2012 में पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
– *राष्ट्रपति का पुलिस पदक:* उत्कृष्ट सेवा के लिए वर्ष 2019 में उन्हें राष्ट्रपति का पुलिस पदक मिला।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ने श्रीमती बिमला गुंज्याल को एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया। समारोह में सभी ने अपेक्षा व्यक्त की कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ उत्तराखंड पुलिस को भविष्य में भी मिलता रहेगा।

Khushi
Author: Khushi

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