
महाराष्ट्र के ओबीसी नेता महादेव जानकर को हाल ही में एक झटका लगा जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने उनकी ओर से आयोजित अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती समारोह में शामिल होने का निमंत्रण ठुकरा दिया। जानकर ने उम्मीद की थी कि राहुल गांधी, शरद पवार और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इस कार्यक्रम में उपस्थित होंगे, लेकिन राहुल गांधी की जगह कांग्रेस ने अपनी महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल को भेजा।
जानकर की राजनीतिक पृष्ठभूमि
महादेव जानकर एक प्रमुख धनगर नेता और राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक हैं। उन्होंने 2015 में भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र विधानपरिषद के सदस्य के रूप में चुने गए थे और देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री बने थे। हालांकि, 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले जानकर के भाजपा के साथ संबंध खराब हो गए और उन्होंने अपना अलग रास्ता चुना।
कार्यक्रम और नेताओं की अनुपस्थिति
अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जानकर ने राहुल गांधी, शरद पवार और अखिलेश यादव को आमंत्रित किया था। हालांकि शरद पवार ने कुछ मुद्दों के कारण कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की, जबकि राहुल गांधी ने समारोह के लिए हर्षवर्धन सपकाल का नाम तय किया।
जानकर की प्रतिक्रिया
जानकर ने कहा कि पिछले साल विधानसभा चुनावों से पहले महायुति के साथ गठबंधन करना एक गलती थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की ओर झुकाव बढ़ा रहे हैं।
धनगर समुदाय की महत्ता
महाराष्ट्र के कई जिलों में धनगर समुदाय की अच्छी-खासी मौजूदगी है, जो 25-30 से अधिक विधानसभा सीटों पर नतीजों को प्रभावित कर सकता है। जानकर का प्रयास है कि वह इस समुदाय के हितों की रक्षा करें और उनके समर्थन से अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करें।








