
बकरीद को लेकर चल रहे विवाद पर शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को त्योहारों में रोक लगाने की बजाय अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि हर त्योहार के दौरान सरकारें पानी और रंग बचाने की अपील क्यों करती हैं? उन्होंने कहा कि त्योहारों का मनाना व्यक्तिगत अधिकार है और यह सरकार का काम नहीं है।
*आदित्य ठाकरे के बयान के मुख्य बिंदु:*
– *सरकार की प्राथमिकता*: आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार का मुख्य दायित्व आत्महत्या कर रहे किसानों की सहायता करना, बारिश के पानी की समस्या का समाधान करना और सुरक्षा के लिए आए आतंकवादियों का पता लगाना है।
– *त्योहारों में हस्तक्षेप*: उन्होंने कहा कि त्योहारों में हस्तक्षेप करना सरकार का काम नहीं है। लोगों को अपने त्योहार मनाने का पूरा अधिकार है।
– *पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता*: आदित्य ठाकरे ने कहा कि वे भी पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हैं, लेकिन लगातार पानी और रंग बचाने की अपीलों के बीच सांस लेने की स्वतंत्रता भी जरूरी है।
*विवाद की पृष्ठभूमि:*
महाराष्ट्र गौसेवा आयोग के निर्देशों के बाद बकरीद के संदर्भ में विवाद शुरू हुआ। आयोग ने 3 से 8 जून तक राज्य के पशु बाजारों को बंद रखने का आदेश दिया था, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष उत्पन्न हुआ। इस निर्णय के खिलाफ कई राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी आपत्ति व्यक्त की। बाद में आयोग ने अपने निर्देश वापस ले लिए।








