
उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
उत्तराखंड कैबिनेट ने राज्य हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य के विकास और नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देना है।
*बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान:*
– *सुदर्शन चक्र स्कल्पचर:* बदरीनाथ धाम के एराइवल प्लाजा में ‘सुदर्शन चक्र स्कल्पचर’ की विशिष्ट कलाकृति के निर्माण की अनुमति दी गई है। यह कलाकृति प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा होगी और श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनेगी।
– *शेषनेत्र लोटस वॉल:* बदरीनाथ धाम के लेकफ्रंट क्षेत्र में ‘शेषनेत्र लोटस वॉल’ नामक एक अति विशिष्ट कलाकृति स्थापित की जाएगी। यह धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से पर्यटन को एक नया आयाम देगा।
– *ट्री एंड रिवर स्कल्पचर:* बद्रीनारायण चौक पर ‘ट्री एंड रिवर स्कल्पचर’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह पर्यावरण और संस्कृति की एक सुंदर झलक होगी और तीर्थयात्रियों को प्रकृति के साथ जुड़ाव का अनुभव देगी।
*अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:*
– *विधि विज्ञान प्रयोगशाला:* राज्य की विधि विज्ञान प्रयोगशाला को गृह विभाग के अधीन लाया गया है और निदेशक को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया है। इससे विभाग के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा।
– *उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग:* आयोग के ढांचे में 12 नए पद जोड़े गए हैं और उसका पुनर्गठन किया गया है। इससे आयोग के दैनिक कार्यों में सुधार आएगा और मानवाधिकारों के संरक्षण हेतु त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
– *राष्ट्रीय पेंशन योजना:* एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कार्मिकों की सेवाओं को ग्रैच्युटी की देयता में जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
– *वर्दीधारी सिपाही और उप निरीक्षक भर्ती:* सीधी भर्ती के लिए नई चयन प्रक्रिया नियमावली, 2025 को मंजूरी दी गई है। इससे चयन प्रक्रियाएं एकरूप, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी होंगी।
– *विनियमित पर्यावरण मित्रों के लिए मृतक आश्रित लाभ:* विनियमित पर्यावरण मित्रों की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मृतक आश्रित नियमावली, 1974 के अंतर्गत लाभ मिलेगा।
*आर्थिक और प्रशासनिक सुधार:*
– *उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति:* इस नीति में संशोधन किया गया है और अब ‘उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन फंड’ के लिए SNA खाता खोला जाएगा, जिसे IFMS से जोड़ा जाएगा। इससे वित्तीय संचालन अधिक पारदर्शी और नियंत्रित हो सकेगा।
– *प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों को कर छूट:* ‘प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक’ और ‘स्ट्रांग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक’ वाहनों को एक बार कर से छूट दी गई है। इसका उद्देश्य हरित वाहन अपनाने को प्रोत्साहन देना और प्रदूषण में कमी लाना है।
*उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग:*
– *आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पुनर्गठन:* आयोग के संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया गया है और 15 नए पद सृजित किए गए हैं। इससे आयोग की भर्ती प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।








