

केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी में 22वें मध्य-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमसीटीपी) के समापन समारोह में मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर उन्होंने सिविल सेवकों की प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि यह सेवा ‘देश और उसके लोगों की सेवा करने के लिए आजीवन प्रतिबद्धता है’।
*शिवराज सिंह चौहान के मुख्य बिंदु:*
– *सिविल सेवकों के लिए मूल्य*: उन्होंने अधिकारियों से विनम्रता, अनुशासन और सहानुभूति के मूल्यों को आत्मसात करने का आग्रह किया और कहा कि शासन प्रणाली सहभागी और सहानुभूतिशील होनी चाहिए।
– *परिवर्तन की प्रक्रिया*: उन्होंने महर्षि अरबिंदो के गतिशील प्रक्रिया के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को अधिकार के माध्यम से नहीं, बल्कि जागृति के माध्यम से परिवर्तन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
– *राष्ट्रीय विकास*: उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विकास का भविष्य ग्रामीण समृद्धि में निहित है और नवाचार को किसानों के लिए वास्तविक लाभ में बदलने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
– *महिला सशक्तिकरण*: उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, भागीदारी और सशक्तिकरण के बिना सच्चा विकास अधूरा है, और “लाडली लक्ष्मी” और “लाडली बहना” जैसी पहलों का उल्लेख किया।
*इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:*
– एलबीएसएनएए के निदेशक श्री श्रीराम तरनीकांति
– संयुक्त निदेशक श्री उदित अग्रवाल
– उप निदेशक (वरिष्ठ) एवं पाठ्यक्रम समन्वयक श्री गणेश शंकर मिश्रा
– लोक प्रशासन के प्रोफेसर डॉ. बागदी गौतम.








