“आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है भारत: एस जयशंकर”

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एस जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और उम्मीद करता है कि सहयोगी भी इसे समझेंगे। उन्होंने यह बात पीटीआई और अन्य अरब देशों के साथ बातचीत में कही। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों में जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाता है और अन्य देशों से भी इसी तरह की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हैं और उम्मीद करते हैं कि हमारे सहयोगी भी इसे समझेंगे”। यह बयान हाल ही में पीटीआई के साथ बातचीत में दिया गया था।मुख्य बिंदु- आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: एस जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद के सभी रूपों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है।
– सहयोगियों से अपेक्षा: जयशंकर ने उम्मीद जताई कि अन्य देश भी आतंकवाद के खिलाफ इसी तरह की नीति अपनाएंगे।
– बातचीत के दौरान बयान: यह बयान पीटीआई और अन्य अरब देशों के साथ बातचीत में दिया गया था।

भारत की आतंकवाद विरोधी नीति:

– सख्त कार्रवाई: भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
– अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: जयशंकर ने अन्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपेक्षा की है।
– *जीरो टॉलरेंस की नीति*: भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में जीरो टॉलरेंस की बात कही गई है, जिसका अर्थ है कि किसी भी तरह के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महत्व:
आतंवाद के खिलाफ एकजुटता: जयशंकर का बयान आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की जरूरत को दर्शाता है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग: यह बयान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपेक्षा को भी दर्शाता है।आतंकवाद के खिलाफ भारत लगातार सख्त रूख अपनाए हुए हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि भारत कभी भी “गलत काम करने वालों” को अपने पीड़ितों के बराबर नहीं रखेगा. साथ ही भारत अपने सहयोगी देशों से यह उम्मीद करता है कि वे आतंकवाद को कतई बर्दाशत नहीं (zero tolerance) करने की उसकी नीति को समझें.

बैठक के बाद, विदेश मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश विदेश मंत्री ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की, जबकि पीएम मोदी ने आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की जरुरत पर बल दिया.

PM मोदी ने की समर्थन की सराहना
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में कहा, “हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय तरक्की हुई है और इसमें उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करता हूं, जिसे हाल ही में संपन्न एफटीए ने और मजबूत किया है. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की जंग में ब्रिटेन की ओर से किए गए समर्थन की सराहना करता हूं.”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी ने दोनों देशों भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते और दोहरे योगदान सम्मेलन ( DCC) के हाल ही में संपन्न होने को एक “रणनीतिक मील का पत्थर” करार दिया, जो अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं को खोलेगा.

साथ ही इसमें आगे कहा गया है कि पीएम मोदी ने अपने ब्रिटेन के समकक्ष पीएम कीर स्टारमर को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं और “जल्द से जल्द” भारत आने का न्यौता भी दोहराया.

FTA दोनों देशों में नई शुरुआतः विदेश मंत्री
विदेश मंत्री लैमी के साथ बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में, जयशंकर ने पहलगाम आतंकवादी हमले की “बर्बर” निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ जंग में नई दिल्ली तथा लंदन की एकजुटता और समर्थन के लिए ब्रिटेन को धन्यवाद भी दिया.

जयशंकर ने एक बार फिर यह साफ करते हुए कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ करने की नीति का पालन करते हैं और यह उम्मीद भी करते हैं कि हमारे सहयोगी देश इसे अच्छे से समझेंगे, और हम कभी भी बुराई करने वालों को इसके पीड़ितों के बराबर नहीं मानेंगे.”

लैमी भारत आने से पहले इस्लामाबाद का दौरा कर चुके हैं. वह पिछले महीने 16 मई से दो दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद गए थे. इस यात्रा के दौरान उन्होंने 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को खत्म करने के फैसले का स्वागत किया.

साथ ही जयशंकर ने हाल में हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और दोहरे अंशदान समझौते को मील का पत्थर करार दिया. लैमी ने भी कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करना दोनों देशों की महत्वाकांक्षाओं की शुरुआत मात्र है।

Khushi
Author: Khushi

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