

उत्तराखंड सरकार ने कैंची धाम मेले के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मेले के संचालन और यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाए। इसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं:
1. *मेले के संचालन में सुधार*: अधिकारियों को मेले के वर्तमान संचालन को बेहतर बनाने और स्थायी प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
2. *यातायात व्यवस्था में सुधार*: सेनेटोरियम से भवाली पेट्रोल पंप तक 3 किमी मार्ग पर कटिंग कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण*: सरकार ने ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यवस्थित प्लान तैयार किया है।
सरकार का उद्देश्य धार्मिक क्षेत्रों के विकास और श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करना है। इन प्रयासों से मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और यातायात व्यवस्था भी सुचारु रहेगी।कैंची धाम मेला 15 जून को है, और प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेले के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं।
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था:*
बाहरी दोपहिया वाहनों को पहाड़ी इलाकों में जाने की अनुमति नहीं होगी।
– काठगोदाम और कालाढूंगी में वाहनों को रोका जाएगा और वहां से श्रद्धालुओं को कैंची धाम तक शटल सेवा से पहुंचाया जाएगा।
– दोगुने शटल वाहन चलाए जाएंगे, जिनमें हल्द्वानी से कैंची धाम तक बस में 150 रुपये, मैक्स में 200 रुपये, भीमताल से 100 रुपये और भवाली से 50 रुपये किराया रहेगा।
पार्किंग व्यवस्था:*
– 15 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं जहां श्रद्धालु अपने वाहन खड़े कर सकते हैं और शटल सेवा से कैंची धाम तक जा सकते हैं।
– पार्किंग स्थलों पर पेयजल, शौचालय और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।
विशेष व्यवस्थाएं:
बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए दो अतिरिक्त शटल सेवाएं चलाई जाएंगी जो उन्हें मंदिर के गेट तक पहुंचाएंगी और लाएंगी।
– मेले के दौरान सड़कों पर जाम की समस्या को कम करने के लिए फूड वैन और ठेले पूरी तरह से बंद रहेंगे।








