“मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित”

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मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कार्यकारी समिति (SEC) की बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रकरणों पर चर्चा की गई। इनमें से पहला प्रकरण जनपद नैनीताल के रामनगर में स्थित गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले के सुरक्षात्मक कार्यों से संबंधित था, जबकि दूसरा प्रकरण गौला नदी से सटे आपदा प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षात्मक व सड़क सुधार कार्यों से जुड़ा था।
गर्जिया देवी मंदिर के सुरक्षात्मक कार्य:
मुख्य सचिव ने गर्जिया देवी मंदिर के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अवशेष सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। यह मंदिर रामनगर में स्थित एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, और इसकी सुरक्षा और रखरखाव के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
गौला नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य:
मुख्य सचिव ने लालकुआं के बनभूलपूरा रेलवे क्रॉसिंग से गौला पुल तक गौला नदी के अत्यधिक पानी के बहाव के कारण क्षतिग्रस्त मार्ग और विभागों से जुड़ी परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए आईआईटी रुड़की से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराने के निर्देश दिए। इस अध्ययन के आधार पर सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के लिए कहा गया है, जिससे भविष्य में बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, श्रीधर बाबू अदांकी, विनोद कुमार सुमन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने अपने सुझावों और विशेषज्ञता के साथ निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निर्देशों का महत्व:
मुख्य सचिव के निर्देशों से न केवल गर्जिया देवी मंदिर की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि गौला नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। इससे क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास में भी मदद मिलेगी।
आगे की कार्रवाई:
अब देखना यह होगा कि इन निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई कैसे की जाती है और सुरक्षात्मक कार्य कितनी तेजी से पूरे किए जाते हैं। इससे क्षेत्र के विकास और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान होगा ।

Khushi
Author: Khushi

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