


कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उनसे राज्य विधानमंडल द्वारा पारित सात प्रमुख विधेयकों को मंजूरी देने का अनुरोध किया।
इस मुलाकात के दौरान सिद्धरमैया ने राष्ट्रपति के लिए एक वचन का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद विपक्ष ने उन्हें घेर लिया था। सिद्धरमैया ने बाद में इस गलती के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि उनका राष्ट्रपति का बहुत सम्मान करते हैं क्योंकि वह भी उनकी तरह शोषित वर्ग से आती हैं.¹
*सिद्धरमैया की राष्ट्रपति से मुलाकात के मुख्य बिंदु:*
– *विधेयकों को मंजूरी देने का अनुरोध*: सिद्धरमैया ने राष्ट्रपति से राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी देने का अनुरोध किया।
– *खेद व्यक्त करना*: सिद्धरमैया ने राष्ट्रपति के लिए एक वचन का इस्तेमाल करने के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि यह उनकी ओर से एक चूक थी।
– *विपक्ष की प्रतिक्रिया*: विपक्षी दलों ने सिद्धरमैया की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की और उनके इस्तीफे की मांग की।
इसके अलावा, सिद्धरमैया ने हाल ही में शिरुरू पहाड़ी ढहने की घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने का भी फैसला किया है.।








