शताब्दी वर्ष समर्पित राष्ट्रसेवा: शाह नगर बस्ती में संघ का भव्य पथ संचलन

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रविवार को शाह नगर बस्ती की गलियों में अनुशासन और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष को समर्पित पथ संचलन ने न केवल डिफेंस कॉलोनी से गोरखपुर चौक तक के मार्ग को सजाया, बल्कि समाज में एकता, परंपरा और राष्ट्रहित के संदेश को भी जीवंत कर दिया। स्वयंसेवकों की पंक्तियाँ, घोष दल की धुन पर कदमताल करती हुई, यह दर्शाती थीं कि जब उद्देश्य स्पष्ट हो और मनोबल बुलंद, तो साधारण रास्ते भी इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जैसे यह केवल एक मार्च नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को अनुशासन और सेवा भाव का पाठ पढ़ाने वाला प्रदर्शन हो। मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आदरणीय के.डी. सिंह की अध्यक्षता और संघचालक के.एन. भट्ट जी, नगर कार्यवाह हरेन्द्र कण्डारी जी तथा विभाग प्रचारक धनंजय जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गंभीरता और गरिमा प्रदान की।

धनंजय जी के उद्बोधन ने शाखा के महत्व, हिन्दू समाज की एकता, संगठन के उद्देश्य और समाज सेवा के विविध पहलुओं को इस तरह प्रस्तुत किया कि सुनने वाले खुद को राष्ट्रहित में समर्पित करने को उत्साहित महसूस कर रहे थे। यह वही संदेश है, जो अक्सर बड़े भाषणों में खो जाता है, लेकिन पथ संचलन के हर कदम में स्पष्ट झलकता है।

शाह नगर बस्ती में यह कार्यक्रम न केवल एक परंपरागत आयोजन रहा, बल्कि यह स्थानीय समाज के लिए प्रेरणा और जागरूकता का प्रतीक भी बन गया। युवा, बुजुर्ग, पुरुष और महिला—सभी ने मिलकर यह साबित किया कि अनुशासन और एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन में उतारने योग्य मूल्य हैं।

यदि कभी समाज में कोई सोचता है कि अनुशासन और सेवा भाव केवल घोषणाओं तक सीमित हैं, तो शाह नगर बस्ती का यह दृश्य उन्हें याद दिलाएगा कि संगठन की ताकत केवल सामूहिक पंक्तियों में नहीं, बल्कि उनके द्वारा प्रसारित प्रेरणा में निहित है। और हाँ, यह मार्च भी साबित करता है कि कभी-कभी फूलों की वर्षा से ज्यादा प्रभावशाली होती है कदमों की ताल—वह ताल जो विचारों और भावना को प्रतिध्वनित करती है।


Khushi
Author: Khushi

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