त्रिशूल रेंज पर गूंजे सटीक निशाने — विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने खिलाड़ियों को सम्मानित कर बढ़ाया हौसला

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देहरादून की त्रिशूल शूटिंग रेंज आज सचमुच “लक्ष्य भेद” की साक्षी बनी। जहां हर ट्रिगर के साथ सिर्फ गोली नहीं चली — उड़ान भरी आत्मविश्वास, अनुशासन और उस युवा जोश ने जो आने वाले भारत की तस्वीर लिखने को तैयार है।

मंच पर थीं उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण, जिन्होंने अपने संतुलित और प्रेरक शब्दों से खिलाड़ियों को सम्मान ही नहीं, बल्कि दिशा भी दी। जब उन्होंने कहा कि “शूटिंग हमें सिखाती है धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास”, तो यह केवल मंचीय पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन का सूत्रवाक्य बन गया। यह उस दौर की बात है जब अधिकांश युवा लक्ष्य से पहले “फ्रेम” खोजते हैं — ऐसे में ये निशानेबाज हमें याद दिलाते हैं कि सफलता की ट्रिगर सिर्फ मेहनत से चलती है, कैमरे से नहीं।

उत्तर भारत के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपने जज़्बे और सटीक निशाने से साबित किया कि प्रतिभा सीमाओं की मोहताज नहीं। पंजाब के रणजै सिंह जट्टाना से लेकर यूपी की यामिनी तोमर और आर्मी के विजय सिंह तक — हर निशानेबाज ने अपने प्रदर्शन से यह स्पष्ट कर दिया कि “भारत का भविष्य सिर्फ मैदान पर नहीं, निशाने पर भी है।”

माननीय अध्यक्ष की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा दी, और खिलाड़ियों में जोश भर दिया। उन्होंने न केवल पदक बांटे, बल्कि यह संदेश भी दिया कि “सम्मान” सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि प्रयास का भी होता है।

यह आयोजन सिर्फ एक शूटिंग चैंपियनशिप नहीं, बल्कि उस सोच का उत्सव है जहां युवा अपनी ऊर्जा को लक्ष्य की ओर केंद्रित करना सीख रहे हैं। और यही असली “रामराज” है — जहां व्यवस्था में अनुशासन, प्रयास में ईमानदारी और सफलता में सादगी झलकती है।

जो निशाने आज बुलेट से साधे गए, कल वही युवा अपनी मेहनत और एकाग्रता से देश का नाम ऊंचा करेंगे। क्योंकि असली खेल तो यहीं से शुरू होता है — जब पसीना, धैर्य और आत्मविश्वास एक साथ ट्रिगर दबाते हैं।

Khushi
Author: Khushi

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