माँगेराम त्यागी पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज, छपार टोल प्रकरण में मचा सियासी हड़कंप

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छपार टोल प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। रालोद नेता विनोद मलिक की तहरीर पर पुलिस ने त्यागी समुदाय के तेजतर्रार नेता मांगेराम त्यागी के खिलाफ रंगदारी व धमकी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह वही मामला है जो 19 सितंबर को टोल प्लाजा के डिप्टी मैनेजर की हत्या से जुड़ा हुआ है। इस कार्रवाई के बाद इलाके की सियासत में भूचाल आ गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि मांगेराम त्यागी ने अपने साथियों शिव और शुभम के साथ मिलकर टोल कर्मियों को भड़काया, टोल संचालन ठप कराया और प्रबंधन से हर महीने एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने की धमकी दी। रालोद नेता विनोद मलिक ने अपनी शिकायत में लिखा कि मांगेराम त्यागी और उसके साथी टोल की कार्यप्रणाली में लगातार हस्तक्षेप कर रहे थे और कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मांगेराम त्यागी, शिव और शुभम के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे साफ संकेत मिलता है कि टोल विवाद महज मजदूरों की नाराजगी नहीं, बल्कि सुनियोजित दबाव की रणनीति थी।

टोल प्रकरण के दौरान डिप्टी मैनेजर की हत्या और उसके बाद की हड़ताल ने हालात को और भी बिगाड़ दिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह हड़ताल किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी। सूत्र बताते हैं कि मांगेराम त्यागी के खिलाफ दर्ज यह मुकदमा सिर्फ एक कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

फिलहाल छपार और आसपास के इलाके में मांगेराम त्यागी के नाम पर सियासी तापमान चरम पर है। एक ओर समर्थक इसे साजिश बता रहे हैं, वहीं विरोधी गुट इसे कानून का सही कदम मान रहे हैं। पुलिस ने साफ कहा है कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, रंगदारी और हिंसा के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

Khushi
Author: Khushi

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