
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा का “आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन” केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक विचार है—वह विचार जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को समाज के सबसे मजबूत स्तंभ, यानी महिलाओं तक पहुंचा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट का यह कहना कि उत्तराखंड की महिलाएं आज आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं, किसी भाषण का हिस्सा नहीं बल्कि धरातल की सच्चाई है।
उत्तराखंड की महिलाओं ने हमेशा कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। पहाड़ की महिलाओं ने खेत से लेकर उद्योग तक, स्वयं सहायता समूहों से लेकर स्वरोजगार योजनाओं तक अपनी भूमिका को मजबूती से निभाया है। अब भाजपा महिला मोर्चा उसी शक्ति को दिशा और संसाधन दे रहा है।
हाउस ऑफ हिमालय जैसे ब्रांड की पहल यह दिखाती है कि सरकार केवल घोषणा नहीं कर रही, बल्कि महिलाओं के उत्पादों को बाजार भी उपलब्ध करा रही है। इससे स्थानीय उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। यही वह परिवर्तन है, जो आत्मनिर्भर भारत के असली अर्थ को जमीन पर उतारता है।
प्रदेश में बेरोजगारी दर में 4.4% की कमी और 40 हजार से अधिक सूक्ष्म लघु उद्योगों की स्थापना यह संकेत है कि उत्तराखंड अब स्वरोजगार की नई राजधानी बन रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से लेकर 200 करोड़ के वेंचर फंड तक, हर कदम यह दर्शा रहा है कि सरकार केवल योजनाएं नहीं बना रही, बल्कि उन्हें परिणामों में बदल रही है।
महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण और पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना—यह आंकड़े नहीं, बल्कि विश्वास के प्रतीक हैं। भाजपा यह समझती है कि नारी सशक्तिकरण केवल भाषणों से नहीं बल्कि अवसरों से होता है, और आज उत्तराखंड की महिलाएं उन अवसरों को पहचान भी रही हैं और उनका लाभ भी ले रही हैं।
भाजपा महिला मोर्चा का यह सम्मेलन दरअसल सरकार की नीतियों को आम जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। यह वह संवाद है जिसमें बताया जाएगा कि कैसे एक राज्य न केवल अपने संसाधनों से बल्कि अपनी नारियों की शक्ति से आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर है।
आत्मनिर्भर भारत का असली अर्थ यही है—जब हर महिला अपने परिवार, समाज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को सशक्त रूप से निभाए। भाजपा की नीतियों ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, और यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उत्तराखंड अब नारी-शक्ति से समृद्ध राज्य बनकर एक नई आर्थिक कहानी लिख रहा है।








