
देहरादून में होने वाला अभाविप का 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन इस बार इसलिए भी खास है क्योंकि देश की अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मंच साझा करेंगे। 28 से 30 नवंबर तक परेड ग्राउंड में होने वाला यह आयोजन 1500 से अधिक छात्र-प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ युवा ऊर्जा और विज्ञान के भविष्य का संगम बनने जा रहा है।
डॉ. सोमनाथ का यह संबोधन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की वास्तविक उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का अवसर होगा। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग से लेकर आदित्य-L1, एक्सपोसैट, आईएनसैट, RLV-LEX, SSLV और निजी स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी—इन सभी उपलब्धियों ने भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति की ओर निर्णायक कदम बढ़ाने में मदद की। इसरो के भीतर तकनीकी सुधार, नीति विस्तार और नवाचार को मुख्यधारा में लाने की उनकी भूमिका आने वाली पीढ़ियों के वैज्ञानिकों के लिए मजबूत नींव बन चुकी है।
अभाविप का यह अधिवेशन ऐसे समय में हो रहा है जब देश के युवा विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को करियर और नवाचार के नए अवसर के रूप में देख रहे हैं। इसलिए डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी का यह कहना सही प्रतीत होता है कि डॉ. सोमनाथ का मार्गदर्शन देहरादून में जुटे युवाओं के लिए नई दिशा तय कर सकता है। भारत के विज्ञान और शोध को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने वाली सोच अब कैंपसों में भी नए आत्मविश्वास का संचार करेगी।








