
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए अब समय आसान नहीं रहा। जिस तरह 2025 में रिकॉर्ड ध्वस्तीकरण अभियान चला, उसी तेवर और सख्ती के साथ 2026 में भी एमडीडीए मैदान में है। फर्क बस इतना है कि अब संदेश और ज्यादा साफ है नियम तोड़ोगे, तो बुलडोजर तय है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में एमडीडीए का बुलडोजर अवैध प्लॉटिंग पर इस कदर भारी पड़ रहा है कि भूमि माफियाओं की पूरी प्लानिंग ही ध्वस्त होती दिख रही है।
मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट जैसे संवेदनशील और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के आसपास यदि अवैध प्लॉटिंग पनपने लगे, तो उसका सीधा असर न सिर्फ विकास योजनाओं पर पड़ता है, बल्कि पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों पर भी जाता है। इसी खतरे को भांपते हुए देहरादून के पुरूकुल क्षेत्र में लगभग 40 से 50 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए ने बिना किसी ढिलाई के बुलडोजर चला दिया। बिना स्वीकृति बनाई गई सड़कें, भूखंडों का चिन्हांकन और अवैध ढांचे सब कुछ नियमों की अवहेलना का खुला सबूत था। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के तहत की गई यह कार्रवाई बताती है कि अब चेतावनी का दौर खत्म हो चुका है, और एक्शन का समय चल रहा है।
इस अभियान की सबसे अहम बात यह है कि यह सिर्फ तोड़फोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े उद्देश्य की ओर इशारा करता है। बंशीधर तिवारी साफ शब्दों में कह चुके हैं कि एमडीडीए का मकसद केवल अवैध निर्माण गिराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को ठगी से बचाना भी है। अवैध प्लॉटिंग के खेल में सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं लोगों का होता है, जो जीवनभर की कमाई लगाकर जमीन खरीदते हैं और बाद में खुद को कानूनी पचड़े में फंसा पाते हैं। ऐसे में यह बुलडोजर कार्रवाई सिर्फ जमीन नहीं तोड़ रही, बल्कि एक गलत सिस्टम को भी ध्वस्त कर रही है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का यह कहना भी बेहद अहम है कि अवैध प्लॉटिंग मास्टर प्लान के खिलाफ होने के साथ-साथ भविष्य की बुनियादी सुविधाओं के लिए भी बड़ा खतरा है। आज जो अवैध कॉलोनी खड़ी होती है, वही कल सड़क, पानी, सीवर और बिजली के लिए सरकार पर दबाव बनती है। इसका सीधा असर नियोजित विकास पर पड़ता है। इसलिए एमडीडीए की यह सख्ती सिर्फ वर्तमान की कार्रवाई नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी भी है।
कुल मिलाकर, देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अब यह साफ दिखने लगा है कि अवैध प्लॉटिंग के दिन पूरे हो रहे हैं। बंशीधर तिवारी का बुलडोजर केवल मिट्टी और ईंटें नहीं गिरा रहा, बल्कि यह संदेश दे रहा है कि विकास होगा, लेकिन नियमों के साथ। जो लोग अब भी कानून को हल्के में ले रहे हैं, उनके लिए यह कार्रवाई एक अंतिम चेतावनी है। वहीं आम जनता के लिए यह भरोसे का संकेत है कि नियोजित, सुरक्षित और पारदर्शी विकास के लिए एमडीडीए पूरी ताकत से मैदान में खड़ा है।








