देहरादून में सख्त प्रशासन की नई पहचान बने बंशीधर तिवारी, हजारों अवैध निर्माणों पर कार्रवाई कर माफियाओं में मचाई खलबली
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और आसपास के विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में पिछले कुछ समय में अगर किसी अधिकारी की कार्यशैली सबसे ज्यादा चर्चा में रही है, तो वह नाम है बंशीधर तिवारी। तेज फैसले, सख्त प्रशासनिक पकड़ और जमीन पर उतरकर काम करने की शैली ने उन्हें प्रदेश के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में अलग पहचान दिलाई है।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की कमान संभालने के बाद बंशीधर तिवारी ने अवैध निर्माण, अवैध प्लॉटिंग और नियमों को धता बताकर खड़े किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा। उनके नेतृत्व में अब तक हजारों मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे अवैध निर्माण माफियाओं के नेटवर्क में भारी हलचल देखी गई है।
बंशीधर तिवारी की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि उन्होंने केवल दफ्तरों में बैठकर आदेश देने के बजाय खुद मैदान में उतरकर निरीक्षण शुरू किए। लगातार क्षेत्रों में औचक दौरे, निर्माण स्थलों की जांच, शिकायतों का तत्काल संज्ञान और अधिकारियों को सीधे जवाबदेही तय करने जैसे फैसलों ने एमडीडीए की कार्रवाई को नई धार दी है।
उनके नेतृत्व में प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि देहरादून में अब नियमों के विपरीत निर्माण कर बच निकलना आसान नहीं होगा। जिन लोगों ने अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति निर्माण को कारोबार बना रखा था, उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
प्रशासनिक हलकों में बंशीधर तिवारी को एक ऐसे अधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है, जो परिणाम देने में विश्वास रखते हैं। उनके नेतृत्व में एमडीडीए ने सिर्फ कार्रवाई नहीं की, बल्कि शहर के सुनियोजित विकास, व्यवस्थित शहरी ढांचे और भविष्य की योजनाओं को भी मजबूत आधार देने का काम किया है।
आज देहरादून में अवैध निर्माण के खिलाफ जो सबसे बड़ा अभियान दिखाई दे रहा है, उसकी कमान एक ऐसे अधिकारी के हाथ में है जिसने अपने काम से साबित किया है कि मजबूत नेतृत्व क्या होता है। बंशीधर तिवारी की सख्ती ने साफ संकेत दे दिया है कि विकास के नाम पर नियमों से खिलवाड़ करने वालों के दिन अब आसान नहीं रहने वाले








