“टीएमसी का बड़ा फैसला, आतंकवाद विरोधी मुहिम में नहीं लेगी हिस्सा”

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तृणमूल कांग्रेस का बड़ा फैसला: आतंकवाद विरोधी प्रतिनिधिमंडल में नहीं होगी शामिल

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार के आतंकवाद विरोधी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया है। यह प्रतिनिधिमंडल हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए भेजा जा रहा है।

टीएमसी के फैसले के पीछे के कारण

टीएमसी ने आधिकारिक तौर पर अपने फैसले का कोई कारण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केंद्र सरकार की विदेश नीति के प्रति टीएमसी के रुख को दर्शाता है। टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने पहले ही प्रतिनिधिमंडल में भाग लेने से इनकार कर दिया था, उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था।

प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य

सरकार द्वारा घोषित इन प्रतिनिधिमंडलों में कांग्रेस के शशि थरूर, भाजपा के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा जैसे नेता शामिल होंगे। इन प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाना है।

टीएमसी के इस फैसले का क्या होगा प्रभाव

टीएमसी के इस फैसले से केंद्र सरकार की आतंकवाद विरोधी मुहिम पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी। टीएमसी के इस कदम को विपक्षी एकता के प्रयासों के तहत देखा जा सकता है, क्योंकि हाल ही में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा था कि ममता बनर्जी को INDIA ब्लॉक का नेता बनाया जाना चाहिए।

निष्कर्ष

टीएमसी के इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति अपने रुख को बनाए रखने के लिए तैयार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर टीएमसी और केंद्र सरकार के बीच क्या गतिशीलता रहती है।

Khushi
Author: Khushi

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