
मोदी सरकार ने हाल ही में किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे लगभग 7 करोड़ किसानों को फायदा होगा। सरकार ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के लिए बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
मुख्य बिंदु:
– धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य: धान का MSP 69 रुपये बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
– अन्य फसलों के लिए MSP: अरहर का समर्थन मूल्य 450 रुपये बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का MSP 400 रुपये बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति क्विंटल और मूंग का MSP 86 रुपये बढ़ाकर 8,768 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
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कुल लागत*: इस फैसले से सरकार पर लगभग 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
– *किसानों के लिए लाभ*: इस फैसले से लगभग 7 करोड़ किसानों को फायदा होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
*सरकार के फैसले का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों के लिए बेहतर मूल्य दिलाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इस फैसले से किसानों को अपनी फसलों के लिए अधिक पैसा मिलेगा, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकेंगे।
*किसानों के लिए आगे की राह*
सरकार के इस फैसले से किसानों को अपनी फसलों के लिए बेहतर मूल्य मिलेगा, लेकिन उन्हें अपनी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार करने के लिए भी काम करना होगा। सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जिसके तहत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है
केंद्र की मोदी सरकार ने आज बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए. फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने साल 2025-26 के लिए खरीफ सत्र के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है.
उन्होंने कहा कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य को 69 रुपये बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया गया है. वैष्णव ने कहा कि इस फैसले से करीब 7 करोड़ से अधिक किसानों को फायदा होगा. वहीं, इस पर करीब 2 लाख 7 हजार करोड़ की लागत आएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 10-11 सालों से लगातार MSP में वृद्धि कर रही है. हर फसल के लिए लागत के साथ 50 फीसदी को भी ध्यान में रखा गया है.
इसके साथ-साथ सरकार ने किसानों के लिए ब्याज में छूट बने रहने का भी फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें करीब 15 हजार 642 करोड़ का खर्चा आएगा. उन्होंने बताया कि क्रेडिट कार्ड(केसीसी) पर भी दो लाख तक का कर्ज 4 फीसदी ब्याज पर मिलता रहेगा. बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत हुई थी.
कैबिनेट बैठक में फैसला लेते हुए मध्य प्रदेश के रतलाम से नागदा के बीच रेलवे लाइन को 4 लेन करने की भी मंजूरी प्रदान की गई है. वहीं, महाराष्ट्र के वर्धा और तेलंगाना के बल्लारशाह रेल लाइन को भी 4 लेन करने की मंजूरी दी गई है. वहीं, आंध्र प्रदेश में 4 लेन बदवेल-नेल्लोर हाइवे को भी मंजूरी दी गई है.








