
नैनीताल के मेट्रोपोल होटल में अस्थाई पार्किंग की अनुमति मिलने पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आभार व्यक्त किया है। यह निर्णय नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को हल करने के लिए लिया गया है, जिससे शहर में यातायात की समस्या कम होगी और पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर मेट्रोपोल होटल परिसर को पार्किंग के लिए अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए, गृह मंत्रालय ने होटल परिसर को अस्थायी पार्किंग के रूप में उपयोग करने की अनुमति दे दी है।
*मेट्रोपोल होटल का इतिहास:*
– 1880 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित
– देश की आजादी के वक्त महमूदाबाद के राजा के स्वामित्व में था
– 1960 के दशक में शत्रु संपत्ति घोषित किया गया था
*पार्किंग की सुविधा:*
– लगभग 700 वाहन पार्क करने की क्षमता
– पार्किंग स्थल के पट्टे से प्राप्त किराये की आय का 90 प्रतिशत शत्रु संपत्ति संरक्षक को भेजा जाएगा
– गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि पार्किंग के लिए बोली प्रक्रिया में गृह मंत्रालय और शत्रु संपत्ति संरक्षक के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.।
नैनीताल में पार्किंग समस्या का समाधान करने के लिए मेट्रोपोल होटल परिसर में अस्थाई पार्किंग की सुविधा शुरू की गई है। कुछ और हैडलाइंस इस प्रकार हैं:
– *नैनीताल को मिली बड़ी राहत*: मेट्रोपोल होटल परिसर में 1000 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता।
– *केंद्रीय गृह मंत्री का बड़ा फैसला*: अमित शाह ने मेट्रोपोल होटल परिसर को पार्किंग के लिए आवंटित किया।
– *नैनीताल में पार्किंग की समस्या खत्म*: मेट्रोपोल होटल परिसर में अब होगी पार्किंग व्यवस्था, गृह मंत्रालय से मिली मंजूरी।
– *मेट्रोपोल होटल का इतिहास*: 1880 में गौथिक शैली में बनाया गया था, जिन्ना ने यहीं मनाया था हनीमून।
– *नैनीताल में जीपीएस से पार्किंग की जानकारी*: सैलानियों को मिलेगी सहूलियत, ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
– *पार्किंग की सुविधा से पर्यटन को बढ़ावा*: स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा लाभ, यातायात व्यवस्था में सुधार।
– *नैनीताल पुलिस की पहल*: पार्किंग स्थलों पर एएमपीआर कैमरे और लेजर गन कैमरे लगाए गए, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई।








