

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन और योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने त्याग, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति के रूप में भारतीय इतिहास में अद्वितीय स्थान प्राप्त किया।
*अहिल्याबाई होल्कर के योगदान:*
– *धर्मस्थलों का पुनर्निर्माण*: अहिल्याबाई होल्कर ने भारत में धर्मस्थलों का पुनर्निर्माण कर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को पुनर्जीवित करने का कार्य किया।
– *नारी सशक्तिकरण*: उन्होंने नारी सशक्तिकरण की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की, जिसकी कल्पना कर पाना भी उस समय कठिन था।
– *सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण*: उन्होंने संपूर्ण भारत की सनातन संस्कृति को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है।
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण:*
– *सांस्कृतिक विरासत का पुनर्स्थापन*: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है।
– *राष्ट्रनायकों के योगदान का सम्मान*: वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास, महान राष्ट्रनायकों के योगदान और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है।
*उत्तराखण्ड सरकार की पहल:*
– *धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण*: राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
– *केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण*: केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं।
– *भू-कानून और समान नागरिक संहिता*: प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लाया गया है और देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।








