
पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने 4 जुलाई 2021 को पदभार संभाला। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। धामी की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि कुमाऊँ राजपूत परिवार से है और उनकी शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से हुई है।
उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सुशासन स्थापित करने के लिए धामी सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
– *महिला सुरक्षा*: महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
– *पुलिस व्यवस्था में सुधार*: नए पुलिस थाने और पुलिस चौकियां खोली गई हैं और लगभग डेढ़ लाख नई पुलिस भर्तियों की प्रक्रिया पूरी की गई है।
– *अपराध नियंत्रण*: अपराधियों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया है और अपराध रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
– *दंगा मुक्त प्रदेश*: सरकार ने दंगा मुक्त प्रदेश बनाने में प्रबल इच्छा शक्ति दर्शाई है और पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में दंगे नहीं होने की स्थिति में सुधार हुआ है।भ्रष्टाचार पर रोक।
प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और सुशासन स्थापित करने के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कदम हैं:
– *महिला सुरक्षा*: महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि सुरक्षा कवच योजना, महिला सहायता डेस्क, गुलाबी बूथ और गुलाबी बस सेवा जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं।
– *पुलिस व्यवस्था में सुधार*: पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस की छवि में सुधार के लिए 40 से अधिक नए पुलिस थाने और एक दर्जन से ज्यादा नई पुलिस चौकियां खोली गई हैं। लगभग डेढ़ लाख नई पुलिस भर्तियों की प्रक्रिया भी पूरी की गई है।
– *अपराध नियंत्रण*: अपराधियों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया है और अपराध रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इससे अपराध दर में कमी आई है और लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
– *दंगा मुक्त प्रदेश*: सरकार ने दंगा मुक्त प्रदेश बनाने में प्रबल इच्छा शक्ति दर्शाई है और पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में दंगे नहीं होने की स्थिति में सुधार हुआ है।
– *भ्रष्टाचार पर रोक*: भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और मंत्रियों व विधायकों को संपत्ति घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन कदमों के परिणामस्वरूप प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। हालांकि, अभी भी कुछ चुनौतियां हैं जिनका सामना करना होगा, जैसे कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की पुनर्स्थापना। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रदेश में बढ़ते अपराध, जातिवाद और सांप्रदायिक तनाव पर चिंता व्यक्त की है और नए डीजीपी के सामने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की पुनर्स्थापना को एक बड़ी चुनौती बताया है [1].
सरकार ने इन चुनौतियों का सामना करने के लिए कई और कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
– *पुलिस आधुनिकीकरण*: पुलिस बल को आधुनिक बनाने और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
– *समुदाय पुलिसिंग*: समुदाय पुलिसिंग को बढ़ावा देने और लोगों के साथ पुलिस के संबंधों को मजबूत करने के लिए कई पहल की गई हैं।
– *अपराध अनुसंधान*: अपराध अनुसंधान को मजबूत करने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
इन कदमों के परिणामस्वरूप प्रदेश में कानून व्यवस्था में और सुधार होगा और लोगों में सुरक्षा की भावना और बढ़ेगी।








