“मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक: राज्य के विकास को नई दिशा”

SHARE:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य उत्तराखंड के विकास और नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देना है। कुछ प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

– *पर्यावरण मित्रों के लिए मृतक आश्रित लाभ*: 2013 से शहरी विकास विभाग में कार्यरत 859 पर्यावरण मित्रों को अब “मृतक आश्रित सेवा नियमावली” के तहत लाभ मिलेगा।
– *उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में सुधार*: आयोग में 15 नए पद सृजित किए गए हैं, जिनमें 1 नियमित और 14 आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे।
– *हाइब्रिड और ई-वाहनों पर टैक्स माफी*: बैटरी, मोटर और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पेट्रोल वाहनों पर अब परिवहन टैक्स नहीं लिया जाएगा, केवल जीएसटी देना होगा।
– *सीएनजी और BS-6 सिटी बसों को सब्सिडी*: देहरादून में चलने वाली CNG व BS-6 सिटी बसों को 50% या अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।
– *पुलिस भर्ती प्रक्रिया में बदलाव*: उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही और उपनिरीक्षक पदों की परीक्षा अब एक साथ कराई जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।
– *मानवाधिकार आयोग को विस्तार*: उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में 12 नए पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 7 नियमित और 5 आउटसोर्सिंग के होंगे।
– *फॉरेंसिक विभाग को स्वतंत्र दर्जा*: फॉरेंसिंग विभाग अब स्वतंत्र विभाग होगा, जिसके विभागाध्यक्ष को स्वतंत्र अधिकार दिए जाएंगे।
– *बदरीनाथ धाम के लिए विशेष योजनाएं*: बदरीनाथ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 4 प्रमुख कलात्मक योजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें शेष नेत्र लोटस बॉल, सुदर्शन चौक कलाकृति, ट्री एंड रिवर स्कल्पचर और सुदर्शन चक्र शामिल हैं।
– *न्यू पेंशन स्कीम वालों को ग्रेच्युटी का लाभ*: नई पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन स्कीम की तर्ज पर ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा।
– *स्वच्छता गतिशीलता नियमावली को मंजूरी*: राज्य में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नीति में बदलाव कर सब्सिडी प्रक्रिया को सरल किया गया है, जिसके लिए अलग बैंक खाता खोलने की मंजूरी दी गई है।

इन निर्णयों से उत्तराखंड के नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों में लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और पर्यावरण शामिल हैं।

उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिसका उद्देश्य राज्य के विकास और नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देना है। इन प्रस्तावों में शामिल हैं¹:
– *पर्यावरण मित्रों के लिए मृतक आश्रित लाभ*: 2013 से शहरी विकास विभाग में कार्यरत 859 पर्यावरण मित्रों को अब “मृतक आश्रित सेवा नियमावली” के तहत लाभ मिलेगा।
– *उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में सुधार*: आयोग में 15 नए पद सृजित किए गए हैं, जिनमें 1 नियमित और 14 आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे।
– *हाइब्रिड और ई-वाहनों पर टैक्स माफी*: बैटरी, मोटर और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पेट्रोल वाहनों पर अब परिवहन टैक्स नहीं लिया जाएगा, केवल जीएसटी देना होगा।
– *सीएनजी और BS-6 सिटी बसों को सब्सिडी*: देहरादून में चलने वाली CNG व BS-6 सिटी बसों को 50% या अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।
– *पुलिस भर्ती प्रक्रिया में बदलाव*: उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही और उपनिरीक्षक पदों की परीक्षा अब एक साथ कराई जाएगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।
– *मानवाधिकार आयोग को विस्तार*: उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में 12 नए पद स्वीकृत किए गए, जिनमें 7 नियमित और 5 आउटसोर्सिंग के होंगे।
– *फॉरेंसिक विभाग को स्वतंत्र दर्जा*: फॉरेंसिंग डिपार्टमेंट अब स्वतंत्र विभाग होगा, जिसके विभागाध्यक्ष को स्वतंत्र अधिकार दिए जाएंगे।
– *बदरीनाथ धाम के लिए विशेष योजनाएं*: बदरीनाथ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 4 प्रमुख कलात्मक योजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें शेष नेत्र लोटस बॉल, सुदर्शन चौक कलाकृति, ट्री एंड रिवर स्कल्पचर और सुदर्शन चक्र शामिल हैं।
– *न्यू पेंशन स्कीम वालों को ग्रेच्युटी का लाभ*: नई पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन स्कीम की तर्ज पर ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा।
– *स्वच्छता गतिशीलता नियमावली को मंजूरी*: राज्य में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नीति में बदलाव कर सब्सिडी प्रक्रिया को सरल किया गया है, जिसके लिए अलग बैंक खाता खोलने की मंजूरी दी गई है।

इन निर्णयों से उत्तराखंड के नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों में लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और पर्यावरण शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई।²

Khushi
Author: Khushi

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई