

कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना द्वारा उत्तराखंड के सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह आयोजन उन शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए है जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी जान की आहुति दी थी।
*कारगिल युद्ध का महत्व*
– कारगिल युद्ध 3 मई 1999 को शुरू हुआ था और उसी वर्ष 26 जुलाई को समाप्त हुआ था।
– यह युद्ध लद्दाख के कारगिल जिले के दुर्गम इलाकों में हुआ था।
– भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर राष्ट्र की रक्षा की थी.
*कार्यक्रम की विशेषताएं*
– नायब सूबेदार सुधीर चंद्र और उनके साथियों ने सैन्य अनुशासन का परिचय देते हुए शहीदों की बहादुरी को याद किया।
– शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया गया।
– सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक, प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक इस आयोजन में शामिल हुए¹।
*कारगिल विजय दिवस का संदेश*
– यह दिन हमें उन वीर सैनिकों की याद दिलाता है जिन्होंने अपनी जान की आहुति देकर हमारी मातृभूमि की रक्षा की।
– यह दिन हमें सिखाता है कि सच्ची वीरता क्या होती है और हमें अपने सैनिकों पर गर्व है।
– हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए और उनकी यादों को जीवित रखना चाहिए।








