
दसॉल्ट एविऑशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) ने भारत में राफेल फाइटर जेट की बॉडी बनाने के लिए चार प्रोडक्शन ट्रांसफर एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
*इस समझौते की विशेषताएं:*
– *उत्पादन सुविधा*: टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स हैदराबाद में एक अत्याधुनिक उत्पादन सुविधा स्थापित करेगी, जो राफेल फाइटर जेट के मुख्य संरचनात्मक घटकों का निर्माण करेगी।
– *उत्पादन की समयसीमा*: पहली फ्यूजलेज़ सेक्शन 2028 में तैयार होने की उम्मीद है, और सुविधा प्रति माह दो पूर्ण फ्यूजलेज का उत्पादन करने में सक्षम होगी।
– *फाइटर जेट के घटक*: इस सुविधा में राफेल फाइटर जेट के पिछले फ्यूजलेज के लेटरल शेल्स, पूरे पिछले हिस्से, केंद्रीय फ्यूजलेज और सामने के हिस्से का निर्माण किया जाएगा।
*इस समझौते का महत्व:*
– *भारत की रक्षा क्षमताओं में वृद्धि*: यह समझौता भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने और देश को वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने में मदद करेगा।
– *आत्मनिर्भर भारत*: यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने में मदद करेगी, जिससे देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि होगी।
एरिक ट्रैपियर, चेयरमैन और सीईओ, दसॉल्ट एविऑशन ने कहा, “यह एक निर्णायक कदम है जो भारत में हमारी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद करेगा।”
सुकरण सिंह, सीईओ और एमडी, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने कहा, “यह साझेदारी भारत की एयरोस्पेस यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह भारत में एक आधुनिक और मजबूत एयरोस्पेस निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना में मदद करेगी।”.








