
बसपा अध्यक्ष मायावती ने दावा किया है कि अगर देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों से चुनाव कराए जाएं, तो उनकी पार्टी के “अच्छे दिन” वापस आ जाएंगे। मायावती का कहना है कि ईवीएम में धांधली के कारण बसपा को नुकसान हो रहा है और मतपत्रों से चुनाव होने पर पार्टी अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पा लेगी।
मायावती के इस दावे के पीछे कुछ तर्क हैं¹:
– *ईवीएम में धांधली का आरोप*: मायावती ने आरोप लगाया है कि ईवीएम में धांधली के कारण बसपा उम्मीदवारों को हराया जा रहा है, जिससे दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों का बसपा से मोह भंग हो रहा है।
– *विपक्षी पार्टियों का समर्थन*: मायावती ने कहा है कि विपक्षी पार्टियां भी ईवीएम में धांधली को लेकर सवाल उठा रही हैं और मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग कर रही हैं।
– *बसपा की राजनीतिक जमीन*: मायावती का मानना है कि मतपत्रों से चुनाव होने पर बसपा अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पा लेगी और उसके “अच्छे दिन” वापस आ जाएंगे।
हालांकि, यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मुद्दे पर क्या फैसला लेता है और इसका बसपा की राजनीतिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है।








