

विकसित कृषि संकल्प अभियान खरीफ–2025 के तहत विकासखंड पोखड़ा में आयोजित कृषक संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इन योजनाओं में शामिल हैं¹:
– जविक खेती: रासायनिक उर्वरकों के बिना फसलें उगाना, जिससे मिट्टी और फसलों की गुणवत्ता बनी रहती है।
– जल प्रबंध: सिंचाई के लिए पानी का सही तरीके से उपयोग करना, जिससे पानी की बचत हो सके।
-यंत्रीकरण: कृषि कार्यों में मशीनों का उपयोग करके समय और श्रम की बचत करना।
– फपीओ (किसान उत्पादक संगठन)*: किसानों को संगठित करके उनकी आय बढ़ाने के लिए।
– बागवानी: फलों और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देना।
– मृदा स्वास्थ्य कार्ड: मिट्टी की जांच कराकर उसकी गुणवत्ता का पता लगाना और उसे सुधारने के उपाय करना।
– फसल बीमा: फसलों को नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
– *पीएम किसान सम्मान निधि*: छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करना।
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नवाचारी और वैज्ञानिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्हें ई-नाम और डिजिटल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन जैसे प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर बल दिया गया, जिससे किसान सीधे बाजार से जुड़ सकें और अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।
महत्वपूर्ण बिंदु
महिला सशक्तिकरण*: पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाओं की कृषि में अहम भूमिका को रेखांकित किया गया।
सिंचाई सुविधाएं*: सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है।
फलदार पौधों का रोपण*: फलदार पौधों के रोपण को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है।
तकनीकी प्रशिक्षण*: किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए काम किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत अब तक लगभग 11 लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया है और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है.








