
ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार रात को ईरान ने इजरायल पर जवाबी हवाई हमले किए, जिसमें यरुशलम और तेल अवीव जैसे प्रमुख शहरों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें गूंजीं। ईरान ने दो अलग-अलग चरणों में करीब 150 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं। इनमें से अधिकांश को इजरायली डिफेंस सिस्टम और अमेरिकी सैन्य सहयोग से मार गिराया गया, लेकिन कई मिसाइलें तेल अवीव, रमत गान और यरुशलम के पास गिरीं, जिससे संपत्तियों को नुकसान और नागरिकों को चोटें आईं हैं।
*हमले के बाद की स्थिति:*
– इजरायली मीडिया और सैन्य सूत्रों के अनुसार, हमले में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
– ईरान के हमले में इजरायल के कई इलाकों में नुकसान हुआ है, जिसमें तेल अवीव में एक 50 मंजिला इमारत पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे भीषण आग लग गई और इमारतें ढह गईं।
– इजरायली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों में जाने का आग्रह किया है।
– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले की निंदा की है और तनाव कम करने की अपील की है¹ ² ³।
*ईरान और इजरायल के बीच तनाव के कारण:*
– ईरान और इजरायल के बीच दशकों पुराना तनाव है, जो हाल के वर्षों में और बढ़ गया है।
– ईरान इजरायल को एक दुश्मन देश मानता है और उसके खिलाफ कई बार हमले कर चुका है।
– इजरायल भी ईरान को एक बड़ा खतरा मानता है और उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की बात कहता है⁴।
*अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:*
– अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि वह इजरायल की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
– चीन ने इजरायल से मिलिट्री एक्शन रोकने को कहा है।
– संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले की निंदा की है और तनाव कम करने की अपील की है।








