
शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार के लिए एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे भाजपा से हाथ मिलाने वाले अवसरवादी नेताओं को प्रोत्साहित नहीं करेंगे। अजित पवार के साथ सुलह की अटकलों के बीच शरद पवार ने कहा कि जो लोग सत्ता के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करते हैं, वे अवसरवादी राजनीति में लिप्त हैं और ऐसी राजनीति को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता.
*शरद पवार के बयान के मुख्य बिंदु:*
– *अवसरवादी राजनीति की निंदा*: शरद पवार ने कहा कि जो लोग सत्ता के लिए भाजपा के साथ जाते हैं, वे अवसरवादी राजनीति में लिप्त हैं।
– *विचारधारा का महत्व*: उन्होंने कहा कि वे उन लोगों को साथ लेने के लिए तैयार हैं जो गांधी, नेहरू, फुले और आंबेडकर की विचारधारा को मानते हैं।
– *भाजपा के साथ गठबंधन नहीं*: शरद पवार ने स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ गठबंधन करना कांग्रेस की विचारधारा के अनुरूप नहीं है।
– *पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील*: उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की चिंता करना छोड़ दें और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कमर कस लें।
शरद पवार के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे अजित पवार के भाजपा के साथ जाने को स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी पार्टी की विचारधारा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.।








