
देहरादून में डॉक्टर की लापरवाही से महिला की हालत बिगड़ी, राष्ट्रीय त्यागी युवा महासंघ ने उठाई कार्रवाई की मांग
देहरादून के एक निजी अस्पताल में चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। 46 वर्षीय मुनेश त्यागी की कोहनी की सर्जरी 22 अप्रैल 2025 को ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तुषार कोहली द्वारा की गई थी। डॉक्टर ने ऑपरेशन को सफल बताया और नियमित फिजियोथेरेपी की सलाह दी। लेकिन अब तक महिला के हाथ में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि हालत और बिगड़ती चली गई।
परिजनों ने बताया कि इलाज पर अब तक ₹1.5 लाख से अधिक खर्च हो चुका है, जिसमें डॉक्टर को सीधे ₹90,000 का भुगतान किया गया। इसके बावजूद मुनेश त्यागी को राहत नहीं मिली। दो वरिष्ठ डॉक्टरों – डॉ. सचिन्द्र शेखर (मेरठ) और डॉ. शशिकांत सैनी (सहारनपुर) – ने जांच कर पुष्टि की कि सर्जरी में गंभीर त्रुटि हुई है और प्रत्यारोपण सही तरीके से नहीं लगाया गया।
परिवार जब दोबारा डॉ. कोहली के पास गया, तो उन्होंने मरीज को ही दोषी ठहराया और फिर से सर्जरी की सलाह दी, जिससे सवाल उठे:
- ग़लत प्रत्यारोपण क्यों लगाया गया?
- पहले ही इसे सही तरीके से क्यों नहीं किया गया?
- किसी आम परिवार को इस लापरवाही की कीमत क्यों चुकानी पड़े?
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय त्यागी युवा महासंघ परिवार के साथ खड़ा है और डॉक्टर के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है।
परिवार ने मुख्यमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और उत्तराखंड पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। सभी मेडिकल रिपोर्ट, एक्स-रे और भुगतान के प्रमाण संबंधित अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं।








