
Thailand Political Crisis: थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा की कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ फोन पर हुई बातचीत लीक होने के बाद थाईलैंड की सियासत में भूचाल ला दिया है. कंबोडिया और थाईलैंड के बीच गंभीर सीमा विवाद है. हाल ही में नो मैन्स लैंड पर गोलीबारी को लेकर सड़कों पर भयंकर प्रदर्शन किया गया था. इस सब के बीच थाईलैंड की पीएम पैटोंगटार्न ने कंडोबिया के पूर्व पीएम हुन सेन से अंकल कहकर बात की तो थाईलैंड की पीएम पर मिलीभगत का आरोप लग गया है. मामला इतना बढ़ चुका है कि सरकार की सहयोगी पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है।
बातचीत के लीक होते ही राजधानी बैंकॉक में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए. विपक्ष ने पार्लियामेंट भंग करने और नए चुनाव की मांग कर दी है. लीक कॉल में पेटोंगटार्न ने हुन सेन को अंकल कहकर संबोधित किया. हालांकि यह व्यक्तिगत विनम्रता हो सकती थी, लेकिन थाई जनता और राष्ट्रवादी संगठनों ने इसे राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ माना. इससे भी बड़ी बात यह थी कि उन्होंने थाई सेना के एक अधिकारी को विरोधी कहा, जो उस बॉर्डर जोन की कमान संभाल रहा था जहां झड़प हुई थी.
थाई सेना हुई आहत
थाई सेना, जो देश की राजनीति में ऐतिहासिक प्रभाव रखती है, इस टिप्पणी से बुरी तरह आहत हुई. इसी बयान ने सैन्य असंतोष और तख्तापलट की आशंका को हवा दी है. कंबोडियाई नेता हुन सेन ने इस कॉल को न केवल 80 कंबोडियाई अधिकारियों के साथ साझा किया, बल्कि इसे फेसबुक पर सार्वजनिक भी कर दिया. उनका यह कदम दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में तनाव का कारण बन गया।








