

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाराणसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी उपस्थित थे।
*मुख्यमंत्री धामी द्वारा उठाए गए मुद्दे:*
1. *सीमावर्ती क्षेत्रों में सुविधाओं का विकास*: धामी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार, सुरक्षा और रसद आपूर्ति की सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
2. *वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम*: उन्होंने सीमावर्ती गांवों में सुविधाओं के विकास के लिए वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सहायता मांगी।
3. *संचार सुविधाओं का विकास*: धामी ने भारत नेट योजना, 4जी विस्तार परियोजना और उपग्रह आधारित संचार सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया।
4. *नीतिगत प्रावधानों में शिथिलता*: उन्होंने केंद्र सरकार से कुछ नीतिगत प्रावधानों में शिथिलता प्रदान करने का आग्रह किया।
5. *प्रधानमंत्री आवास योजना*: धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के केंद्रीय अनुदान का आवंटन एकमुश्त करने का अनुरोध किया।
6. *प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना*: उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कुशल संचालन के लिए अतिरिक्त सहयोग मांगा।
7. *ग्लेशियर अध्ययन केंद्र*: धामी ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अध्ययन के लिए राज्य में एक उच्च स्तरीय ग्लेशियर अध्ययन केंद्र की स्थापना का अनुरोध किया।
8. *जैव विविधता संरक्षण संस्था*: उन्होंने जैव विविधता संरक्षण संस्था की स्थापना के लिए केंद्र से तकनीकी सहयोग मांगा।
9. *अंतर्राष्ट्रीय साहसिक खेल प्रशिक्षण केंद्र*: धामी ने राज्य में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय साहसिक खेल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सहयोग मांगा।
10. *नंदा राजजात यात्रा और कुम्भ मेला*: उन्होंने 2026 में नंदा राजजात यात्रा और 2027 में कुम्भ मेला के सफल आयोजन के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।
*उत्तराखण्ड की विशेषताएं:*
– *पर्वतीय भू-भाग*: उत्तराखण्ड का 80% हिस्सा पर्वतीय है और 71% क्षेत्र वनों से आच्छादित है।
– *आर्थिक गतिविधियाँ*: राज्य की जटिल भौगोलिक परिस्थिति और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण आर्थिक गतिविधियाँ सीमित हैं।
– *आर्थिक वृद्धि*: इसके बावजूद, राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है।
– *योग नीति*: राज्य में देश की पहली “योग नीति” का शुभारंभ किया गया है।
– *आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा*: राज्य में आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
*मध्य क्षेत्रीय परिषद की भूमिका:*
– *सहकारिता और सुरक्षा*: मध्य क्षेत्रीय परिषद ने सहकारिता, सुरक्षा और क्षेत्रीय समन्वय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
– *नीतिगत विषयों का समाधान*: परिषद ने विभिन्न नीतिगत और अंतर्राज्यीय विषयों के समाधान का मार्ग प्रशस्त किया है।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उत्तराखण्ड के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और केंद्र सरकार से सहयोग मांगा ।








