“डीएम बंसल का मॉडल: देहरादून के चौराहों का कायाकल्प, अन्य जिलों के लिए मिसाल”

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देहरादून के चौराहों का नया रूप देखकर लगता है मानो शहर को अचानक मेकओवर का शौक चढ़ गया हो — और वह भी ब्यूटी पार्लर स्टाइल वाला, जहां सिर्फ चेहरा नहीं, ट्रैफिक भी पॉलिश हो जाता है। डीएम सविन बंसल ने तीन महीने में जो कारनामे कर दिखाए हैं, वो देहरादून के लिए वैसे ही हैं जैसे किसी पुराने घर में नई पेंटिंग, थोड़ी फैंसी लाइटिंग और ऊपर से पहाड़ी कल्चर की झलक जोड़ दी जाए, ताकि घरवाले भी खुश और मेहमान भी इंप्रेस हो जाएं।

कुठालगेट, साई मंदिर और दिलाराम चौक अब सिर्फ ट्रैफिक के चौराहे नहीं रहे, बल्कि ‘भव्य शोकेस’ बन गए हैं। यहां पर पहाड़ी शैली की सजावट, राउंडअबाउट लाइटिंग, और स्लिप रोड्स ऐसे लगाई गई हैं मानो शहर के गहनों में हीरा जड़ दिया हो। सुनने में तो ये भी आया है कि ये सारे प्लान डीएम ने अपनी ज्वाइनिंग के दूसरे महीने में ही खींचकर रख दिए थे — जैसे कोई होशियार स्टूडेंट परीक्षा से पहले ही नोट्स बना ले और बाकी सेमेस्टर सिर्फ ट्यूनिंग करता रहे।

सबसे मजेदार हिस्सा ये है कि जो बजट “समर्पण होने जा रहा था”, उसे पकड़कर सीधे निर्माण में लगा दिया गया। यानी ‘जो धनराशि रिटायरमेंट ले रही थी, उसे दोबारा नौकरी पर रख लिया’। और तीन साल का रखरखाव भी पैकेज में शामिल कर दिया — जो अपने आप में सरकारी दुनिया में एक दुर्लभ घटना है।

अब चौराहों पर न सिर्फ ट्रैफिक सुगमता होगी, बल्कि वहां खड़े होकर लोग राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं और पहाड़ी कला भी निहार सकेंगे। मतलब, जहां पहले लोग सिग्नल पर खीझते थे, अब शायद ट्रैफिक लाइट हरी होने पर अफसोस होगा कि “अरे, अभी तो मूर्ति देख ही रहे थे।”

सकारात्मक बात ये है कि शहर के 11 प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइट का काम पूरा हो गया है और सीसीटीवी कैमरे भी अपग्रेड होकर फिर से ड्यूटी पर हैं। हालांकि, ट्रैफिक वाले कैमरों की इंटीग्रेशन के बाद कुछ लोग अब सोच रहे हैं कि “अब तो बिना हेलमेट सेल्फी भी महंगी पड़ेगी।”

कुल मिलाकर, देहरादून का ये चौराहा-क्रांति सिर्फ सड़क और ट्रैफिक सुधार की कहानी नहीं है, बल्कि ये उस सोच का नतीजा है जिसमें सौंदर्य, संस्कृति और सुरक्षा को एक प्लेट में परोसकर जनता को पेश किया गया है। फर्क बस इतना है कि इस प्लेट के साथ अब शहर को ‘ट्रैफिक स्नैक’ के साथ ‘कल्चर डेकोरेशन’ भी फ्री में मिल रहा है।

Khushi
Author: Khushi

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