“उत्तराखंड की पहली और देश की तीसरी बाइक युवाओं के आकर्षण का केंद्र बनी, मयंक सिंह कुंवर के गैराज में बढ़ा रही है शान”

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देहरादुन:- जब पहाड़ के बेटे सड़कों पर उतरते हैं, तो सिर्फ बाइक नहीं दौड़ती—रोमांच की गूंज गूंजती है।
उत्तराखंड के उखीमठ मूल निवासी और देहरादून के युवा मयंक सिंह कुंवर ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। देश में तीसरी, उत्तर भारत की पहली और उत्तराखंड की पहली BMW R1300 GS Option 719—अब मयंक के गैराज की शान है।

यानी अब पहाड़ की घाटियों में सिर्फ बर्फ नहीं गिरेगी, बल्कि “बॉक्सर इंजन” की घर्र-घर्र आवाज़ भी गूंजेगी।
Level-2 ADAS और Radar Monitoring System जैसी तकनीकें तो अब तक फिल्मों में देखी जाती थीं, अब देहरादून की सड़कों पर चलेंगी। सड़क पर अगर कोई वाहन ज़रा भी पास आया, तो ये BMW उससे पहले ही जान जाएगी — मतलब, यह बाइक इंसान से ज़्यादा समझदार लगती है।

मयंक ऑफ-रोडिंग के शौकीन हैं, और जब किसी के पास Hayabusa भी हो, तो समझ लीजिए टायरों के नीचे मिट्टी नहीं, जुनून जलता है।
कहते हैं, कुछ लोग बाइक चलाते हैं, और कुछ कहानी बन जाते हैं — मयंक दूसरी कैटेगरी में आते हैं।
BMW कार से लेकर BMW बाइक तक, अब ये नाम “देहरादून राइडिंग क्लब” से लेकर पहाड़ की ढलानों तक चर्चा में रहेगा।

पर असली बात सिर्फ मशीनों की नहीं — मयंक का दिल भी इंजन की तरह बड़ा है। समाज सेवा उनका दूसरा शौक है। गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करना उनकी पहचान है।
यानी एक तरफ़ ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम, दूसरी तरफ़ ह्यूमैनिटी कंट्रोल सिस्टम — दोनों पूरी तरह एक्टिव।

अब बस देखना ये है कि अगली ऑफ-रोडिंग में बाइक की उड़ान ज़्यादा होगी या मयंक के जुनून की।
देहरादून से उखीमठ तक एक ही मैसेज जा रहा है — “पहाड़ के लोग सिर्फ चढ़ाई नहीं करते, वे ऊँचाई तय करते हैं।”

Khushi
Author: Khushi

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