देहरादून में सविन बंसल का ‘ड्रग्स वॉर’ — अब नशे के सौदागरों को नहीं मिलेगी बेल, मिलेगा ‘ऑन द स्पॉट केस’

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देहरादून अब सिर्फ पहाड़ों और देवभूमि की शांति के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक सर्जरी के लिए भी चर्चा में है। नए डीएम सविन बंसल ने आते ही जो चाल चली है, उससे साफ है—अब राजधानी में “ढिलाई” का कोई डिस्काउंट कूपन नहीं चलेगा। सरकारी सिस्टम में जो सुस्त रफ्तार थी, उसे उन्होंने शायद ड्रग्स टेस्टिंग किट से भी तेज रफ्तार पर ला दिया है।

नशे के खिलाफ ‘फुल नो टॉलरेंस’ का ऐलान यूं ही नहीं किया गया—यह उस व्यवस्था को झकझोरने का संकेत है, जो सालों से “नशा विरोधी पोस्टर” तो लगा रही थी, लेकिन असल नशे के कारोबारी मेडिकल शॉप की रोशनी में बैठे-बैठे अरबों का धंधा चला रहे थे। अब डीएम बंसल ने साफ कर दिया है—“ऑन द स्पॉट मुकदमा” यानी अब कार्रवाई फाइलों में नहीं, मैदान पर होगी

यह दिलचस्प है कि उन्होंने सिर्फ दुकानों पर नहीं, सोच पर सर्जरी करने की योजना बनाई है—स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटियों तक जाकर ड्रग्स टेस्टिंग, एंटी ड्रग्स कमेटी का पुनर्जीवन और हर स्टूडेंट तक हेल्पलाइन नंबर 1933 की जानकारी। अब लगता है नशे के सौदागर कॉलेज के बाहर खड़े होकर “दो मिनट का रिलैक्सेशन” नहीं बेच पाएंगे, क्योंकि हर छात्र की निगरानी अब सीसीटीवी और प्रशासन की संयुक्त नज़र में होगी।

सविन बंसल का यह कदम सिर्फ प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि संदेश है—कि ड्रग्स बेचने वाला चाहे मेडिकल स्टोर की ओट में हो या सोशल सर्कल में, अब “देवभूमि” की मिट्टी उसे नहीं बख्शेगी। जिस तरह से उन्होंने ड्रग्स फैक्ट्री, मेडिकल स्टोर, शिक्षण संस्थान, और सड़क चेकिंग तक को एक चेन में जोड़ा है, उससे लगता है कि यह कोई रूटीन मीटिंग नहीं, बल्कि “मिशन ड्रग्स फ्री देहरादून” का ग्राउंड-लेवल ऑपरेशन है।

व्यंग्य यह है कि जहाँ बाकी जिलों में नशा मुक्ति केंद्र खुद कभी-कभी “नशे में केंद्रित” रहते हैं, वहीं बंसल ने ओल्ड एज होम को भी रिहैब सेंटर में बदलने की बात कह दी। यह प्रशासनिक नवाचार है—जहाँ नीति सिर्फ फाइल में नहीं, फैसले में दिखती है।

अब सवाल यह नहीं कि नशा कैसे बढ़ा, सवाल यह है कि अगर हर जिले को एक “सविन बंसल” मिल जाए तो देश को ड्रग्स फ्री नहीं तो कम से कम बहाने फ्री जरूर बनाया जा सकता है। क्योंकि यह आदेशों का नहीं, इरादों का प्रशासन है—जहाँ अब नशे के धंधे में पकड़े जाने पर “सॉरी सर” नहीं चलेगा, सिर्फ “ऑन द स्पॉट एफआईआर” गूंजेगी।

Khushi
Author: Khushi

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