

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड दौरा प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा से कम नहीं था, लेकिन इस परीक्षा को देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऐसे संभाला जैसे कोई कलाकार मंच पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे रहा हो। सुबह का वक्त, एफआरआई का विशाल परिसर, सुरक्षा एजेंसियों की हलचल और हर व्यवस्था की बारीकी—इन सबके बीच बंसल का मैनेजमेंट देखने लायक था।
ट्रैकसूट में पहुंचे डीएम सविन बंसल सिर्फ निरीक्षण नहीं कर रहे थे, बल्कि हर टीम के साथ खुद मैदान में डटे थे। किसी से बैरिकेडिंग की स्थिति पूछी, तो किसी से सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट ली। उन्होंने यह साफ कर दिया कि आयोजन केवल “भव्य” नहीं, बल्कि “बेहतर से बेहतरीन” होना चाहिए।
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान जिस तरह देहरादून प्रशासन ने समय, संसाधन और समन्वय का संतुलन बनाए रखा, वह सविन बंसल की कार्यशैली की पहचान है—शांत लेकिन सटीक, अनुशासित लेकिन परिणाममुखी। उन्होंने दिखा दिया कि अच्छा प्रशासन केवल आदेश देने से नहीं, खुद उदाहरण पेश करने से चलता है।
कई अफसर फाइलों में व्यस्त रहते हैं, लेकिन बंसल मैदान में नज़र आते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भरोसे की कसौटी पर वह खरे उतरते हैं। उनका मैनेजमेंट सिर्फ कार्यक्रम नहीं संभालता, बल्कि संदेश देता है कि अगर सिस्टम में इच्छाशक्ति और नेतृत्व हो, तो कोई भी आयोजन “असंभव” नहीं रह जाता।








