किसानों की मुफ्त बिजली को लेकर सदन में गूंजा मुद्दा, विधायक वीरेंद्र जाती की पहल को मिला उमेश कुमार का समर्थन
किसानों को मुफ्त बिजली देने की मांग को लेकर विधानसभा में आज जोरदार आवाज उठी। झबरेड़ा के विधायक वीरेंद्र जाती ने किसानों की समस्याओं को सदन में मजबूती से रखते हुए वेल में उतरकर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि बढ़ती लागत, महंगी खाद-बीज और सिंचाई के खर्च के कारण किसान आर्थिक दबाव में हैं, ऐसे में मुफ्त बिजली किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
इस मुद्दे पर निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने भी खुलकर समर्थन दिया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक सीमाएं पीछे छूट सकती हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, उत्तराखंड जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बिजली सबसे बड़ा खर्च है। यदि सरकार किसानों को मुफ्त या रियायती बिजली देती है तो इससे खेती की लागत कम होगी और छोटे-मझोले किसानों को सीधी राहत मिलेगी।
सदन में उठी यह आवाज आने वाले समय में सरकार पर नीति स्तर पर निर्णय लेने का दबाव भी बना सकती है। किसानों के मुद्दे पर विपक्ष और निर्दलीय विधायकों की एकजुटता ने यह संकेत दिया है कि कृषि से जुड़े सवाल अब प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आते जा रहे हैं।








