देहरादून का “जनता वाला डीएम” बना यादगार चेहरा, सविन बंसल ने काम से जीता लोगों का दिल, मिली नईं जिम्मेदारी

SHARE:

देहरादून ने अपने इतिहास में कई अधिकारी देखे होंगे, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो केवल कुर्सी तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जनता के दिलों में जगह बना लेते हैं। सविन बंसल उन्हीं अधिकारियों में से एक साबित हुए। डीएम के तौर पर उनका कार्यकाल सिर्फ फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने जमीन पर उतरकर काम किया और यह महसूस कराया कि प्रशासन अगर चाहे तो जनता के लिए ढाल भी बन सकता है और विकास की ताकत भी।
जब देहरादून की जनता अपनी समस्याओं को लेकर भटकती थी, तब डीएम सविन बंसल ने लोगों की बात सुनी। आम आदमी को यह एहसास दिलाया कि जिला प्रशासन सिर्फ आदेश देने वाला तंत्र नहीं, बल्कि समाधान देने वाली व्यवस्था भी हो सकती है। यही वजह रही कि जनता ने उन्हें सिर्फ अधिकारी नहीं, बल्कि “जनता का डीएम” माना।
सीएम Pushkar Singh Dhami की योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से पहुंचाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चाहे विकास कार्य हों, जनकल्याण योजनाएं हों या शहर को नई दिशा देने वाले फैसले, हर मोर्चे पर उनकी सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने यह साबित किया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो योजनाएं केवल कागजों में नहीं रहतीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने का माध्यम बनती हैं।
देहरादून में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी उनका रवैया साफ और सख्त रहा। गुंडागर्दी और दबंगई करने वालों को प्रशासन की ताकत का एहसास कराया गया। वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक को सुरक्षा और सम्मान देने का काम भी हुआ। यही संतुलन एक अच्छे प्रशासक की पहचान होता है।
वीवीआईपी मूवमेंट जैसे बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण कार्यों में भी उनका प्रबंधन शानदार रहा। प्रधानमंत्री Narendra Modi के देहरादून दौरे के दौरान जिस तरह प्रशासनिक व्यवस्थाएं संभाली गईं, उसने यह दिखाया कि तैयारी, अनुशासन और नेतृत्व किसे कहते हैं। बड़े आयोजनों को सफल बनाना केवल प्रोटोकॉल नहीं होता, उसके पीछे महीनों की मेहनत और टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता होती है।
सविन बंसल का कार्यकाल इसलिए अलग नजर आया क्योंकि उन्होंने डीएम की भूमिका को सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी तक सीमित नहीं रखा। कहीं वह जनता की समस्याएं सुनने वाले संवेदनशील अधिकारी दिखे, कहीं विकास कार्यों को गति देने वाले योजनाकार, कहीं सख्त प्रशासक और कहीं शहर को बेहतर दिशा देने वाले नेतृत्वकर्ता।
अब जब नए डीएम का स्वागत हो रहा है तो जनता की उम्मीदें भी उसी तरह जुड़ी हुई हैं। देहरादून चाहता है कि विकास की यह रफ्तार बनी रहे, जनता और प्रशासन के बीच भरोसा कायम रहे और अच्छे कामों की परंपरा आगे बढ़ती रहे।
कुर्सियां बदलती रहती हैं, अधिकारी आते-जाते रहते हैं, लेकिन कुछ कार्यकाल ऐसे होते हैं जिन्हें शहर लंबे समय तक याद रखता है। देहरादून शायद सविन बंसल को भी उसी तरह याद रखेगा — एक ऐसे डीएम के रूप में जिसने प्रशासन को जनता के करीब लाने की कोशिश की।

Khushi
Author: Khushi

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई