देहरादून/रुद्रपुर: उत्तराखंड के पंजाबी समाज की सबसे सक्रिय सामाजिक संस्थाओं में शामिल उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने आज संगठन को नई दिशा देने की ओर बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपने बहुप्रतीक्षित पुनर्गठन का ऐलान कर दिया। कैबिनेट मंत्री Pradeep Batra की अध्यक्षता में हुई अहम कोर कमेटी बैठक में नई कार्यकारिणी के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस घोषणा के साथ ही प्रदेशभर के पंजाबी समाज में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया।
बैठक केवल संगठन के पुनर्गठन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे समाज के भविष्य, एकता और नई पीढ़ी को मजबूत नेतृत्व देने की दिशा में एक निर्णायक पहल माना गया। लंबे मंथन के बाद जिस नई टीम का गठन किया गया, उसे समाज को नई ऊर्जा देने वाला नेतृत्व माना जा रहा है।
नई कार्यकारिणी में करण मल्होत्रा को अध्यक्ष, राज कुमार फुटेला को महासचिव, पंकज मैसोन को गढ़वाल अध्यक्ष और हरीश जल्होत्रा को कुमाऊं अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं अनिल भोला और राजेश डाबर को उपाध्यक्ष बनाया गया। संगठन की आर्थिक जिम्मेदारी पी.एस. कोचर को दी गई जबकि संजय अरोरा और मुकेश चावला सचिव नियुक्त किए गए। देहरादून महानगर की अहम कमान बलदेव पराशर को सौंपी गई।
इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि महासभा अब केवल औपचारिक संस्था नहीं रहेगी, बल्कि पंजाबी समाज की आवाज बनकर सामाजिक सरोकारों, संस्कृति संरक्षण, युवाओं को जोड़ने और समाजहित के मुद्दों पर मजबूती से काम करेगी।
कार्यक्रम का एक भावुक क्षण तब आया जब निवर्तमान अध्यक्ष राजीव घई को पगड़ी पहनाकर और माला अर्पित कर सम्मानित किया गया। पूरे सभागार ने तालियों की गूंज के बीच उनके कार्यकाल को याद किया। राजीव घई ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की सेवा ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।
कैबिनेट मंत्री Pradeep Batra ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि पंजाबी समाज हमेशा से संघर्ष, सेवा और राष्ट्र निर्माण का प्रतीक रहा है। उत्तराखंड के विकास में समाज की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है और आने वाले समय में यह भागीदारी और बढ़ेगी।
Shiv Arora ने कहा कि यह पुनर्गठन केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि समाज को एक मंच पर लाने का बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में पंजाबी समाज का योगदान हमेशा अग्रणी रहा है और आगे भी यह परंपरा जारी रहेगी।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि अब महासभा पूरे उत्तराखंड में नई ताकत के साथ काम करेगी। संगठन का उद्देश्य समाज को जोड़ना, संस्कृति को बचाना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से परिचित कराना होगा।
इस अवसर पर दिनेश मानसेरा, मंजीत सिंह राजू, दीपक बाली, सुरेंद्र सिंह नामधारी, सुभाष सरीन, दीपक अरोरा, प्रमोद जोहार, डी.एस. मान और राजीव सच्चर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उत्तरांचल पंजाबी महासभा का यह पुनर्गठन साफ संकेत दे रहा है कि अब उत्तराखंड में पंजाबी समाज एक नए नेतृत्व, नई सोच और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।








