देवबंद का बेटा बना लाखों युवाओं की प्रेरणा: NEET में 603 अंक हासिल कर आयुष त्यागी ने रचा सफलता का नया इतिहास
देवबंद। जब देशभर के लाखों छात्र-छात्राएं डॉक्टर बनने के सपने के साथ NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी करते हैं, तब केवल कुछ ही विद्यार्थी अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की नई इबारत लिख पाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है देवबंद से, जहां टीवीएस एजेंसी के संचालक एवं प्रतिष्ठित समाजसेवी विकास त्यागी के सुपुत्र आयुष त्यागी ने NEET-2026 में 603 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे देवबंद, त्यागी समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि NEET को देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सीमित सीटों के आधार पर ही मिल पाता है। ऐसे में 603 अंक प्राप्त करना किसी असाधारण उपलब्धि से कम नहीं माना जाता।
सपना, संघर्ष और सफलता
आयुष त्यागी की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास छिपा है। जब अधिकांश युवा कठिनाइयों के सामने हार मान लेते हैं, तब आयुष ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। यही कारण है कि आज उनका नाम पूरे क्षेत्र में सम्मान और गर्व के साथ लिया जा रहा है।
देवबंद में जश्न, समाज में गर्व का माहौल
आयुष की सफलता की खबर मिलते ही देवबंद में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी लगातार शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। समाज के लोगों का कहना है कि आयुष ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के युवा भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
अवि त्यागी का बड़ा बयान
इस अवसर पर समाजसेवी अवि त्यागी ने कहा,
“NEET जैसी कठिन परीक्षा में 603 अंक हासिल करना साधारण उपलब्धि नहीं है। यह केवल एक छात्र की सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। आयुष ने यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने अपने माता-पिता, पूरे त्यागी समाज और देवबंद का नाम रोशन किया है। आने वाली पीढ़ी को आयुष से प्रेरणा लेनी चाहिए कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, केवल कठिन परिश्रम ही मंजिल तक पहुंचाता है।”
माता-पिता की मेहनत भी रंग लाई
आयुष की इस सफलता में उनके माता-पिता का मार्गदर्शन और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। परिवार ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया और बेहतर माहौल उपलब्ध कराया। आज उनकी मेहनत का परिणाम पूरे समाज के सामने है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने आयुष
आज के समय में जब युवा छोटी-छोटी असफलताओं से निराश हो जाते हैं, ऐसे में आयुष त्यागी की कहानी यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उनकी उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हार्दिक शुभकामनाएं
हम आयुष त्यागी को इस ऐतिहासिक सफलता पर हृदय से बधाई देते हैं और मां बाला सुंदरी जी से प्रार्थना करते हैं कि उनका आशीर्वाद सदैव आयुष पर बना रहे। वे भविष्य में एक सफल चिकित्सक बनकर समाज और देश की सेवा करें तथा अपने परिवार, देवबंद और पूरे त्यागी समाज का नाम इसी प्रकार रोशन करते रहें।








