
e-RUPI प्रणाली का शुभारंभ देहरादून में कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को सब्सिडी और सहायता पारदर्शी, कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस तरीके से प्रदान करना है। इसके माध्यम से सहायता राशि का उपयोग केवल स्वीकृत सेवा या वस्तु के लिए ही हो सकेगा।
इस प्रणाली के लाभ:
1. पारदर्शिता: सहायता राशि का उपयोग सुनिश्चित करना।
2. समयबद्धता: किसानों को योजनाओं का लाभ तेजी से मिलना।
3. सुगमता: प्रक्रिया में आसानी और भ्रष्टाचार में कमी।
सरकार की प्रतिबद्धता:
1. किसानों के कल्याण के लिए तकनीक का उपयोग।
2. शासन व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-संगत बनाना।
3. भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था की दिशा में पहल।
इस पहल से किसानों को योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा और शासन व्यवस्था में सुधार होगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही: ई-रूपी प्रणाली के माध्यम से किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी और सहायता पारदर्शी, कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस तरीके से सीधे लाभार्थी तक पहुँचाई जा रही है।
सुनिश्चित उपयोग: यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि सहायता राशि केवल उसी सेवा या वस्तु के लिए उपयोग हो जिसके लिए वह स्वीकृत की गई है।
तेजी और सुगमता: ई-रूपी प्रणाली से किसानों को योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है, और प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुगमता भी सुनिश्चित हो रही है।
आधुनिक शासन व्यवस्था: यह व्यवस्था शासन व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-संगत और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
किसानों के लिए लाभ: ई-रूपी प्रणाली किसानों के हित में है और उन्हें योजनाओं का लाभ तेजी से और सुगमता से मिल रहा है।
ई-रूपी प्रणाली के कुछ अन्य लाभ भी हैं:
डिजिटल भुगतान: यह प्रणाली डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देती है और नकदी के उपयोग को कम करती है।
लीक-प्रूफ डिलीवरी: ई-रूपी प्रणाली सुनिश्चित करती है कि सेवाओं की डिलीवरी लीक-प्रूफ हो और भ्रष्टाचार की संभावना कम हो।
किसानों के लिए सहूलियत: यह प्रणाली किसानों के लिए सहूलियत भरी है और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक परेशानी नहीं उठानी पड़ती है।¹ ²








