

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्राधिकरण द्वारा आयोजित Monsoon-2025: Preparedness कार्यशाला देहरादून में आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान “आपदा सखी योजना” की घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य महिला स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना है।
आपदा सखी योजना के मुख्य उद्देश्य:
- आपदा से पूर्व चेतावनी: महिला स्वयंसेवकों को आपदा की पूर्व सूचना देने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
- प्राथमिक चिकित्सा: स्वयंसेवकों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
- राहत एवं बचाव कार्य: स्वयंसेवकों को राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल किया जाएगा।
- मनोवैज्ञानिक सहायता: स्वयंसेवकों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन में प्रोएक्टिव और रिएक्टिव रणनीतियों का महत्व:
- प्रोएक्टिव रणनीति: आपदा से पहले ही तैयारी करना और उसे रोकने के लिए कदम उठाना।
- रिएक्टिव रणनीति: आपदा के दौरान और बाद में राहत एवं बचाव कार्य करना।
कार्यशाला का महत्व:
- आपदा प्रबंधन में सुधार: कार्यशाला आपदा प्रबंधन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
- आने वाली चुनौतियों के लिए तैयारी: कार्यशाला आने वाली चुनौतियों के लिए तैयारी करने में सहायक होगी।
- जन-धन की हानि को कम करना: त्वरित प्रतिक्रिया, सतर्कता और समन्वित राहत एवं बचाव कार्यों से जन-धन की हानि को कम किया जा सकता है।
इस कार्यशाला के माध्यम से उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्राधिकरण आपदा प्रबंधन में सुधार के लिए प्रयासरत है।








