
लंदन में BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ भीख मांगता है और दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाता है. भारत आतंक को कुचलना जानता है और किसी मध्यस्थता की जरूरत नहीं.
Operation Sindoor Delegation: बीजेपी सांसद गुलाम अली खटाना ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. रविवार (1 जून) को लंदन में भारत भवन में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पाकिस्तान एक ओर भीख मांगता है और दूसरी ओर आतंकवाद फैलाता है. अब वह समय चला गया. हम यूरोप में हैं, और हमारे साथी अन्य देशों में जाकर यह संदेश दे रहे हैं कि भारत आतंकवाद को कुचलना जानता है और उसे किसी मध्यस्थता की जरूरत नहीं है.” ।
बता दें कि भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताने और पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करने के लिए कई देशों में भारत से ऑल पार्टी डेलिशन भेजा है. वहीं खटाना BJP सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में ब्रिटेन के दौरे पर गई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं.
खटाना ने लंदन में लगाए हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे
सांसद खटाना ने अपने जोशीले भाषण में कहा, “हिंदुस्तान जिंदाबाद, भारत माता की जय, ये नारा ऐसा लगे कि पूरा यूरोप सुन ले.” उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय से कहा कि आप सब हमारे राजदूत हैं और भारत की बात को दुनिया के सामने रखने में आपकी भूमिका अहम है.
उन्होंने यह भी कहा कि हमें केवल सैन्य मोर्चे पर नहीं, बल्कि कूटनीतिक, सोशल मीडिया और वैश्विक मंचों पर भी अपनी लड़ाई लड़नी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा, “अगर हम चुप रहेंगे, तो झूठ का प्रचार होगा. हमें अपने बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ अपने देश के लिए भी खड़ा होना होगा.” ।
अनुच्छेद 370 पर क्या बोले खटाना?
खटाना ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद लोकतांत्रिक भागीदारी में आए बदलाव पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस बात से परेशान है कि कश्मीर में शांति आई है, लोग मतदान कर रहे हैं, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है और महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिल रहे हैं.
उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 370 हटने के बाद महिलाओं को जो अधिकार मिले, वे पहले नहीं थे. पाकिस्तान नहीं चाहता कि वहां लोकतंत्र फले-फूले क्योंकि उसकी सेना का दबदबा बना रहे, इसलिए वह अशांति फैलाने की कोशिश करता है.”
बीजेपी सांसद ने पाकिस्तान की कथनी और करनी पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कहता है कि हमने उसकी नदियों का पानी रोक दिया, जबकि हमने तो उसे 80% नदियों का पानी दिया. बदले में हमें क्या मिला? आतंकवाद, घुसपैठ और नशा. पिछले 30 वर्षों में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए, अनगिनत बच्चे अनाथ हो गए, और खासकर कश्मीरी पंडितों को अपनी जमीन छोड़नी पड़ी. वे हमारे ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा थे.”








