
विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक सलाह प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करना है। इस अभियान के तहत, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून की वैज्ञानिक टीमों ने विकासनगर, कालसी, सहसपुर और बहादराबाद के 19 गांवों का दौरा किया और किसानों को खरीफ फसलों के बेहतर प्रबंधन, जल-संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार और भूमि क्षरण रोकथाम संबंधी जानकारी दी।
किसानों को दी गई जानकारी में शामिल हैं:
जल संचयन*: जल संचयन के तरीकों को अपनाकर किसान जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
जीवनरक्षक सिंचाई: जीवनरक्षक सिंचाई तकनीक का उपयोग करके किसान फसलों को आवश्यकतानुसार पानी दे सकते हैं।
मृदा परीक्षण: मृदा परीक्षण करके किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता का पता लगा सकते हैं और उपयुक्त फसलों का चयन कर सकते हैं।
नमी संरक्षण तकनीक: नमी संरक्षण तकनीक का उपयोग करके किसान मिट्टी की नमी को बनाए रख सकते हैं।
मिट्टी सुधार उपाय: मिट्टी सुधार उपायों को अपनाकर किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
अभियान के उद्देश्य:
क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करना*: अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना*: अभियान टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर केंद्रित है।
इस अभियान के माध्यम से, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून किसानों को वैज्ञानिक सलाह प्रदान करके उनकी आय बढ़ाने और क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रहा है।








