
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वन नेशन वन इलेक्शन पर कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कई सुझाव दिए हैं। जेपीसी की बैठक के बाद सीएम सुक्खू ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया है और अपने सुझाव दिए हैं।
वन नेशन वन इलेक्शन की अवधारणा का उद्देश्य है देश में सभी चुनाव एक साथ कराना, जिससे सरकारी खजाने की बचत हो सके और विकास कार्यों में तेजी आ सके। इस विचार को लेकर विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं।
*वन नेशन वन इलेक्शन के संभावित लाभ:*
– *सरकारी खजाने की बचत*: एक साथ चुनाव कराने से सरकारी खर्च में कमी आ सकती है।
– *विकास कार्यों में तेजी*: चुनावों के दौरान आचार संहिता के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं, एक साथ चुनाव कराने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।
– *राजनीतिक स्थिरता*: एक साथ चुनाव कराने से राजनीतिक स्थिरता बढ़ सकती है और सरकारें अपने कार्यकाल में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।
*वन नेशन वन इलेक्शन पर विपक्षी दलों के विचार:*
विपक्षी दल वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिशें कर रहे हैं। कुछ दलों ने इस विचार का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने इसके खिलाफ अपनी राय रखी है। जेपीसी की बैठक में विपक्षी दलों के सांसदों ने अपने विचार रखे और इस मुद्दे पर चर्चा की¹।








