
उत्तरांचल प्रेस क्लब चुनाव में मनीष डंगवाल की दावेदारी,अनुभव, पारदर्शिता और सक्रियता का भरोसा_____
उत्तरांचल प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष पद के लिए तेज-तर्रार और कर्मठ पत्रकार मनीष डंगवाल की दावेदारी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष डंगवाल न केवल एक सजग रिपोर्टर रहे हैं, बल्कि संगठनात्मक जिम्मेदारियों को समझने और निभाने की क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं।
मनीष डंगवाल की सबसे बड़ी पहचान उनकी ईमानदार छवि, स्पष्ट सोच और मजबूत प्रशासनिक समझ है। कोषाध्यक्ष जैसे अहम पद के लिए वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बेहद जरूरी होता है और यही वे गुण हैं जो उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाते हैं। वे मानते हैं कि संगठन की आर्थिक व्यवस्था जितनी मजबूत और पारदर्शी होगी, प्रेस क्लब उतना ही सशक्त होकर पत्रकारों के हित में काम कर पाएगा।
उनका साफ कहना है कि कोषाध्यक्ष का पद सिर्फ हिसाब-किताब तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सदस्यों की जरूरतों, सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक निर्णय लेने का माध्यम होना चाहिए। वे हर खर्च का लेखा-जोखा सदस्यों के सामने रखने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और प्रेस क्लब को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के पक्षधर हैं।
मनीष डंगवाल ने चुनावी संवाद में प्रेस क्लब के सभी सम्मानित सदस्यों से अपना बहुमूल्य वोट और सहयोग देने की अपील की है। उनका कहना है कि यह चुनाव व्यक्ति का नहीं, बल्कि संगठन की मजबूती का है। यदि उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से प्रेस क्लब के हित में काम करेंगे।
साफ है कि मनीष डंगवाल की दावेदारी अनुभव, भरोसे और पारदर्शिता के मजबूत आधार पर खड़ी है। अब फैसला प्रेस क्लब के सदस्यों के हाथ में है कि वे संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत और सुव्यवस्थित बनाने के लिए किसे अपना समर्थन देते हैं।








