देहरादून स्थित पौराणिक श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर महंत श्री कृष्ण गिरी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित रक्तदान शिविर ने यह संदेश दिया कि संत परंपरा केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और मानवता की सेवा भी उसका महत्वपूर्ण आधार है। दून वैली व्यापार मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, व्यापारियों, समाजसेवियों और गणमान्य लोगों ने रक्तदान कर जनसेवा का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने भी रक्तदान कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस कदम की उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए इसे सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बताया।
महंत श्री कृष्ण गिरी महाराज ने कहा कि व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक होता है जब वह अपने समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी बन सके। रक्तदान ऐसा कार्य है जो किसी अंजान व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि सेवा, सहयोग और परोपकार भारतीय संस्कृति के मूल तत्व हैं और इन्हीं मूल्यों के आधार पर एक सशक्त एवं संवेदनशील समाज का निर्माण होता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी बलदेव पाराशर ने कहा कि महंत कृष्ण गिरी महाराज का संपूर्ण जीवन समाज जागरण, सांस्कृतिक चेतना और मानवीय मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि महाराज के नेतृत्व में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सेवा और सामाजिक दायित्वों को भी निरंतर बढ़ावा मिला है।
पाराशर ने कहा कि किसी संत का प्रभाव केवल मंदिरों और धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके विचार और कार्य समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। महंत कृष्ण गिरी महाराज ने वर्षों से लोगों को समाज, संस्कृति और मानवता के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराया है। यही कारण है कि वे जनमानस में विशेष सम्मान और श्रद्धा के पात्र हैं।
रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण रही कि समाज में सेवा और समर्पण की भावना आज भी जीवंत है। महंत कृष्ण गिरी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, मानवीय संवेदना और जनकल्याण के संकल्प का प्रतीक बन गया।








