“पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा एक्शन – अब जो हुआ है, वो इतिहास में पहली बार हुआ!”

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भारत ने आखिरकार वह फैसला ले लिया है, जिसकी अपेक्षा लंबे समय से हर देशभक्त कर रहा था। पाकिस्तान की लगातार दुश्मनी, आतंकवाद को खुलेआम समर्थन और भारत विरोधी रवैये के चलते अब भारत सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को बंद कर दिया गया है, सिंधु जल समझौता रोक दिया गया है, अटारी-वाघा बॉर्डर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगाई गई है और विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि पाकिस्तान से अब सामान्य संबंध संभव नहीं हैं।

ये कोई सामान्य कदम नहीं हैं, यह भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और बदले हुए दृष्टिकोण का परिचायक है। अब वह भारत नहीं है जो हर बार पाकिस्तान की धोखेबाज़ी पर चुप रह जाए। अब हर वार का जवाब दिया जाएगा, और वह भी उसी भाषा में जिसे पाकिस्तान समझता है।

पाकिस्तान की ज़हरीली सोच और आतंकवाद को संरक्षण देने वाली नीतियों के चलते भारत ने कई बार बड़ा नुकसान सहा है। लेकिन अब नहीं। सिंधु जल समझौते को रोकना केवल जल प्रबंधन का विषय नहीं, यह रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। भारत ने अब यह तय कर लिया है कि वह अपनी धरती से बहने वाली हर बूंद पानी का उपयोग खुद करेगा, उसे उस देश को नहीं देगा जो हमारे सैनिकों का खून बहाता है।

वाघा बॉर्डर को बंद करने का निर्णय भी महज सीमा सील करने का मामला नहीं है, यह उस दिखावे की दोस्ती को समाप्त करना है जिसे पाकिस्तान हर बार धोखा देकर तोड़ता रहा। वीजा पर प्रतिबंध लगाकर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब भारत की ज़मीन पर पाकिस्तान का कोई भी नागरिक तभी कदम रख सकेगा जब उसकी नीयत साफ होगी—जो कि वर्तमान सरकार के रहते संभव नहीं।

यह समय है खुलकर बोलने का। पाकिस्तान एक आतंकवाद समर्थक देश है, जो केवल झूठ, फरेब और नफरत की भाषा समझता है। भारत को अब केवल सीमित कार्यवाही नहीं, बल्कि पूरी रणनीति के साथ पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करना चाहिए। POK को वापस लेने की प्रक्रिया में भी तेजी लानी चाहिए।

अब भारत चुप नहीं बैठेगा। हर भारतवासी आज इस निर्णय से गौरवान्वित है। अब कोई रक्षात्मक रवैया नहीं, अब आक्रामक राष्ट्रनीति की शुरुआत हो चुकी है। पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि नया भारत न सिर्फ़ जवाब देना जानता है, बल्कि दुश्मनों को पछाड़ना भी जानता है।

जो देश हमारी शांति का मज़ाक उड़ाए, उसे अब केवल ललकार मिलेगी। यही नया भारत है—निर्भीक, निर्णायक और राष्ट्रहित में कठोर।

Khushi
Author: Khushi

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